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महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सारथी बनी यूपी रोडवेज सेवा, 3.25 करोड़ श्रद्धालुओं को पहुंचाया गंतव्य

प्रयागराज। प्रयागराज में त्रिवेणी के तट पर आयोजित हुए आस्था के जन समागम महाकुम्भ (Maha Kumbh) में यूपी रोडवेज (UP Roadways) श्रद्धालुओं के लिए सारथी साबित हुई है। महा कुम्भ के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा से अंतिम…

24GhanteOnline
March 1, 2025
3 min read
महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सारथी बनी यूपी रोडवेज सेवा, 3.25 करोड़ श्रद्धालुओं को पहुंचाया गंतव्य

प्रयागराज। प्रयागराज में त्रिवेणी के तट पर आयोजित हुए आस्था के जन समागम महाकुम्भ (Maha Kumbh) में यूपी रोडवेज (UP Roadways) श्रद्धालुओं के लिए सारथी साबित हुई है। महा कुम्भ के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा से अंतिम स्नान पर्व महा शिवरात्रि तक रोडवेज और शटल बस सेवा ने आगंतुकों को महा कुम्भ लाने और वापस उनके गंतव्य तक पहुंचाने में बढ़ चढ़कर योगदान दिया।

3.25 करोड़ श्रद्धालुओं को पहुंचाया गंतव्य तक


प्रयागराज महाकुम्भ (Maha Kumbh) में 66.33 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी मे पुण्य की डुबकी लगा कर इतिहास बना दिया। यूपी रोडवेज इन श्रद्धालुओं को सकुशल सु व्यवस्थित उनके गंतव्य तक पहुंचाने में पूरी तन्मयता से लगा रहा। यूपी रोडवेज प्रयागराज परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एम के त्रिवेदी बताते हैं कि महाकुम्भ में यूपी रोडवेज ने 3.25 करोड़ लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इसके लिए प्रदेश के सभी रूटों के लिए बसों का पूरा इंतजाम किया गया था।

महाकुम्भ (Maha Kumbh) के दौरान 8850 रोडवेज बसों का संचालन कर एक रिकॉर्ड बनाया गया। वैसे महा कुम्भ के विभिन्न स्नान पर्वों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के अनुमान के मुताबिक इनकी संख्या तय की गई थी जिसमे मौनी अमावस्या में सबसे अधिक 8850 बसों का संचालन किया गया।

पार्किंग स्थल और कुम्भ क्षेत्र के बीच सेतु बना 750 शटल बसों का बेड़ा


महाकुम्भ (Maha Kumbh) में आने वाले श्रद्धालुओं के महा कुम्भ क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बस सेवा के अलावा शटल बस सेवा की अहम भूमिका रही। क्षेत्रीय प्रबंधक एम के त्रिवेदी बताते हैं कि शहर के चारो तरफ बनाए गए अस्थाई बस स्टेशन में जहां रोडवेज का बसों का बेड़ा तत्पर रहा है तो वहीं इन अस्थाई बस स्टेशन से महाकुम्भ के नजदीक के स्थानों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए 750 शटल बसें निरंतर सेवा में लगी रहीं हैं। शटल सेवा ने 45 दिनों तक चले इस महाकुंभ में 1.25 करोड़ लोगों को पार्किंग स्थल से महा कुम्भ के नजदीकी स्थान तक पहुंचाया।

शटल बसों ने महाकुंभ (Maha Kumbh) के दौरान 17 दिन श्रद्धालुओं को दी निःशुल्क सेवा


महाकुम्भ (Maha Kumbh) में उमड़े जन सैलाब को देखते हुए बसों और चार पहिया वाहनों को शहर के बाहर पार्किंग में खड़ा करना यातायात योजना का हिस्सा था। पार्किंग स्थल से कुम्भ क्षेत्र तक लाने में जुटी रही शटल बस सेवा निरंतर इस कार्य में लगी रही। प्रमुख स्नान पर्वों के समय इस सेवा को निःशुल्क कर दिया गया।

महा कुम्भ (Maha Kumbh) के दौरान कुल 17 दिनों तक शटल ने निःशुल्क अपनी सेवा श्रद्धालुओं को प्रदान की। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रोडवेज कर्मियों की सहभागिता को सराहा और आर्थिक सुरक्षा देने का ऐलान किया।

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