24 घण्टे ऑनलाइन

महाकुम्भ के बाद अब संगम की रेती उगलेगी सोना, पांच लाख प्रतिमाह कमाई का अवसर

प्रयागराज : प्रयागराज में महाकुम्भ (Maha Kumbh) के भव्य आयोजन के बाद अब संगम की रेती में नई संभावनाएं जन्म ले रही हैं। जहां करोड़ों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई, वहीं अब यहां के किसान तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे…

24GhanteOnline
March 12, 2025
3 min read

प्रयागराज : प्रयागराज में महाकुम्भ (Maha Kumbh) के भव्य आयोजन के बाद अब संगम की रेती में नई संभावनाएं जन्म ले रही हैं। जहां करोड़ों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई, वहीं अब यहां के किसान तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की फसल से अपनी तकदीर बदलने की तैयारी में हैं। बलुई मिट्टी और गंगा-यमुना के शुद्ध जल से इस क्षेत्र में जायद फसलों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस खेती से हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। सीएम योगी के निर्देश पर इस बार रिकॉर्ड पानी छोड़ा गया है। जिसकी वजह से सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी। वैज्ञानिकों के अनुसार बलुई मिट्टी इस फसल के लिए सबसे मुफीद है। महाकुम्भ (Maha Kumbh) में अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती के बाद अब नए क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। बुवाई का काम अब शुरू हो चुका है और किसानों पर मेहरबान गंगा मैया उनकी झोली भरने के लिए तैयार हैं। प्रयागराज के वैज्ञानिक इन किसानों को अधिक उत्पादन की तकनीकें भी सीखा रहे हैं।

गंगा-यमुना का वरदान : अब रेतीली मिट्टी उगलेगी सोना


महाकुम्भ (Maha Kumbh) के बाद प्रयागराज के संगम तटों पर स्थानीय किसानों ने बड़े पैमाने पर खेती शुरू कर दी है। गंगा पार, यमुना पार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में किसानों ने तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की बुवाई शुरू कर दी है। प्रयागराज के वैज्ञानिक ( उद्यान ) डॉक्टर हिमांशु सिंह के अनुसार यहां की बलुई मिट्टी इस तरह की फसलों के लिए सबसे उपयुक्त होती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार गंगा, यमुना में रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़ा गया है। जिससे किसानों को सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी।

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार, लाखों की कमाई का अवसर


जायद फसलों की खेती से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि हजारों स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। इस फसल से किसान एक महीने में पांच लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। डॉक्टर हिमांशु के अनुसार खेती के साथ-साथ पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग के भी नए अवसर खुल रहे हैं। जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

महाकुम्भ (Maha Kumbh) के बाद कृषि क्षेत्र में नए द्वार, संगम की रेती से समृद्धि की बनेगी नई कहानी


महाकुम्भ (Maha Kumbh) ने प्रयागराज ही नहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। अब इस भूमि से कृषि की एक नई कहानी लिखी जा रही है। संगम तट पर हजारों किसानों ने उम्मीदों की फसल बोई है। जो आने वाले महीनों में उनकी झोली खुशियों से भरने वाली है। इस खेती के लिए बाकायदा किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र प्रयागराज द्वितीय के वैज्ञानिक डॉक्टर अनुराग सिंह विशेष रूप से प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

महाकुम्भ ने दुनिया को 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का आत्मीय संदेश दिया- सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में आयोजित महाकुम्भ-2025 (Maha Kumbh) , प्रयागराज की भव्य सफलता पर उनका आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए…

वैश्विक चर्चा में दुनिया जानेगी महाकुम्भ की सफलता की रणनीति

लखनऊ: महाकुम्भ (Maha Kumbh) की सफलता और योगी सरकार (Yogi Government) के कुशल प्रबंधन की दूरदर्शिता को जानने-समझने के लिए 19 मार्च को राजधानी लखनऊ में सार्वजनिक स्वास्थ्य और जल शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस…

महाकुंभ के रूप में पूरे विश्व ने भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज यानी मंगलवार को लोकसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी सदन में महाकुंभ पर बोले। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए यूपी खासतौर से प्रयागराज के लोगों का…

आस्था, ऊर्जा और विज्ञान का दिव्य संगम बना महाकुम्भ

लखनऊ/ प्रयागराज: महाकुम्भ (Maha Kumbh) सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक अद्भुत वैज्ञानिक चमत्कार भी है। करोड़ों लोगों की एक साथ उपस्थिति, शंखनाद व घंटे घंटियों की ध्वनि, गंगा जल में पवित्र स्नान सभी मिलकर एक ऐसा…