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सीएम योगी ने महाकुम्भ को वैश्विक इवेंट बनाने में मीडिया की भूमिका को सराहा

महाकुम्भ नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने प्रयागराज दौरे पर गुरुवार को डिजिटल मीडिया सेंटर में मीडियाकर्मियों के साथ संवाद किया और महाकुम्भ को वैश्विक इवेंट बनाने में मीडिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने…

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February 27, 2025
6 min read

महाकुम्भ नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने प्रयागराज दौरे पर गुरुवार को डिजिटल मीडिया सेंटर में मीडियाकर्मियों के साथ संवाद किया और महाकुम्भ को वैश्विक इवेंट बनाने में मीडिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि वास्तव में महाकुम्भ प्रयागराज एक वैश्विक इवेंट बन गया। प्रधानमंत्री मोदी जी के विनज के अनुरूप यह कार्य करने में हमें जो सफलता प्राप्त हुई है उसे देश और दुनिया तक आपने पहुंचाया है, इसके लिए आपको हृदय से धन्यवाद करता हूं। सीएम योगी बोले कि मैं देख रहा था कि दिन हो या रात्रि, सुबह हो या शाम, शीत लहरी हो या भीषण धूप, लेकिन अनवरत रूप से कोई चल रहा था तो वह मीडिया था। या तो मां गंगा की धारा चल रही थी या फिर मीडिया चलता था और सकारात्मक रूप से आपकी जो भूमिका थी उसके चलते महाकुम्भ प्रयागराज नए रिकॉर्ड बनाने के लिए अग्रसर हुआ। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसके बोल थे महाकुम्भ एक याद बन गया...। इस फिल्म में महाकुम्भ की स्मृतियों को संजोया गया।

आस्था और आर्थिकी का विजन साकार हुआ


संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि आस्था और आर्थिकी का जो विजन प्रधानमंत्री जी ने दिया है वह यहां साकार होता दिखाई दिया। उत्तर प्रदेश में स्पिरिचुअल टूरिज्म का भी पोटेंशियल है और यह प्रदेश ने साबित किया। गत वर्ष ही उत्तर प्रदेश में 65 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न तीर्थस्थलों पर आए थे। वे अयोध्या धाम आए थे, काशी आए थे, मथुरा-वृंदावन आए थे, प्रयागराज आए थे, चित्रकूट आए थे, मां विंध्यवासिनी के धाम आए थे, गोरखपुर आए, शुकतीर्थ आए, नैमिषारण्य आए। अकेले प्रयागराज में 45 दिन में 66 करोड़ 30 लाख पर्यटक और श्रद्धालु आ चुके हैं, यानी नए-नए रिकॉर्ड बनते दिखाई दे रहे हैं। प्रयागराज महाकुम्भ ने उत्तर प्रदेश के अंदर पांच स्पिरिचुअल टूरिज्म के डेस्टिनेशन उपलब्ध करवा दिए हैं।

प्रयागराज से मिर्जापुर और काशी का एक, प्रयागराज से अयोध्या और गोरखपुर का दो, प्रयागराज से लालपुर, राजापुर, चित्रकूट का तीन, प्रयागराज से लखनऊ और नैमिषारण्य का चार और प्रयागराज से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व आगरा होते हुए मथुरा-वृंदावन का पांच। इन पांचों तीर्थ में पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं। इन 45 दिनों में 100 देशों का प्रतिनिधित्व प्रयागराज में हुआ है, जिसमें 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर यहां आए थे, 12 देश के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष की उपस्थिति भी रही थी और अन्य देशों से श्रद्धालुजन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने थे। यह सभी आपको कवर करने का अवसर प्राप्त हुआ था।

जो भी प्रयागराज आया अभिभूत होकर गया


उन्होंने (CM Yogi) कहा कि महाकुम्भ के पूरे आयोजन में सभी निर्माण कार्यों के लिए डबल इंजन की सरकार ने मिलकर लगभग 7.30 हजार करोड़ रुपया खर्च किया, जिसमें 200 से अधिक सड़कों का निर्माण, 14 फ्लाईओवर, 9 अंडरपास, 12 कॉरिडोर बनाए गए। पहली बार प्रयागराज में कुछ ऐसा देखने को मिला जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता था। अक्षय वट कॉरिडोर, मां सरस्वती कूप कॉरिडोर, पातालपुरी कॉरिडोर, बड़े हनुमान जी कॉरिडोर, महर्षि भारद्वाज कॉरिडोर, नागवासुकि कॉरिडोर, श्रंग्वेरपुर कॉरिडोर, द्वादश माधव कॉरिडोर समेत यह अलग-अलग प्रकार के 12 कॉरिडोर प्रयागराज में विकसित हुए हैं जो टूरिज्म के दृष्टि से हर एक श्रद्धालु को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इस दौरान श्रद्धालुजनों की सुविधा के लिए प्रयागराज सिटी के अंदर हम लोगों ने लगभग एक लाख कार्मिकों को पूरी व्यवस्था से जोड़ा, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाया।

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक चले इस महायज्ञ के दौरान प्रयागराज एक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हुआ है। आज जो भी प्रयागराज आएगा वह प्रयागराज को देखकर अभिभूत हो रहा है। यहां की सुविधाओं, यहां के मॉडल को देखकर लोग सेल्फी ले रहे हैं।

हर विभाग ने मिलकर आयोजन को बनाया सफल


उन्होंने (CM Yogi) महाकुम्भ में तकनीक के उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे मेला को फेस रिकॉग्निशन से जोड़ते हुए लगभग 3000 सीसीटीवी कैमरे के साथ एआई टूल से जोड़ा गया। इसके माध्यम से एक-एक व्यक्ति के आने की सूचना और उसके चेहरे की पहचान के साथ-साथ कितने लोगों ने डुबकी लगाई, उन सबकी काउंटिंग की व्यवस्था भी हो सकी। इसके माध्यम से लखनऊ में रहते हुए भी मैं यहां की गतिविधियों को 360 डिग्री तक देख पा रहा था। यहां 15000 से ऊपर स्वच्छताकर्मी तैनाथ थे। इसके अलावा 7000 से अधिक परिवहन निगम की बसें थी 750 से अधिक शटल बसें थीं। उन्होंने बताया कि रेलवे ने लगभग 13000 मेला स्पेशल चला करके यात्रियों को सकुशल गंतव्य तक पहुंचाया। साढ़े तीन करोड़ यात्री केवल उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों से प्रयागराज आए। पीडब्ल्यूडी, नमामि गंगे, जल निगम, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य समेत अन्य सभी विभागों ने पूरी तत्परता के साथ इस कार्यक्रम को सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने में योगदान दिया।

मीडिया ने महाकुम्भ को दिलाई सफलता की ऊंचाई


उन्होंने कहा कि पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। श्रद्धालुजनों को यहां तक लाने के लिए सभी संबंधित विभागों, संस्थाओं ने अपना काम किया, लेकिन एक-एक घटना को लाइव दिखाने का काम और सकारात्मक रूप से उसे आम जनता तक घर-घर पहुंचाने का काम आपने किया, क्योंकि कितनी भी अच्छी व्यवस्था होती,हम कितना भी कर लेते, लेकिन उसका प्रचार आपने किया। सिर्फ हिंदी मीडिया ही नहीं, देशभर की मीडिया ने, विदेशी मीडिया ने यहां की व्यवस्थाओं की सराहना की। किसी भी आयोजन को सफलता की नई ऊंचाई पर पहुंचाने में मीडिया की क्या भूमिका हो सकती है, इसकी बेहतरीन मार्केटिंग करने में अपने बड़ी भूमिका का निर्वाह किया। आस्था और आर्थिकी के बीच समन्वय हो सकता है यह मीडिया ने साबित करके दिखाया। 7.5 हजार करोड़ खर्च करके 3.5 लाख करोड़ की ग्रोथ दर्ज की जा सकती है, यह भी मीडिया ने बताया। दुनिया कौतूहल और आश्चर्य से इन सब चीजों को देख रही है। यह एक नया शोध का विषय बन गया है। मेरे पास लगातार नेशनल और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशन से पत्र आ रहे हैं कि क्राउड मैनेजमेंट कैसे होता है, आस्था और आर्थिकी का समन्वय कैसे हो सकता है इस पर 1 घंटे का टॉक शो कीजिए।

मीडिया और प्रयागराजवासियों का धैर्य अभिनंदनीय


सीएम योगी ने कहा कि जो भी यहां आया उसने स्वच्छता की चर्चा की, टेक्नोलॉजी की चर्चा की, सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की चर्चा की। सचमुच मीडिया के साथ-साथ प्रयागराजवासियों का धैर्य अत्यंत अभिनंदनीय रहा, जिन्होंने पूरे आयोजन को अपना आयोजन माना। अक्सर होता है कि एक दिन या दो दिन लोगों को थोड़ा पैदल चलना पड़े तो वो अधीर हो जाते हैं, गुस्से में आ जाते हैं, सड़कों पर आ जाते हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। पूरे 45 दिन जनता जनार्दन ने अपना धैर्य बनाए रखा। इन 45 से 50 दिनों में आप सभी यहां पर मौजूद रहे और पूरी तत्परता के साथ आपने इस पूरे महा आयोजन को महायज्ञ मानकर एक सदस्य के रूप में इस सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने में योगदान दिया। अपनी पूरी टीम की ओर से आपका अभिनंदन करता हूं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नगर विकास मंत्री एके शर्मा समेत अन्य मंत्री एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।

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