धनतेरस पर बनाएं ये खास व्यंजन, लक्ष्मी पूजन में लगाएं भोग
धनतेरस (Dhanteras)भारत में मनाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। धनतेरस पर लोग नए बर्तन, सोना, चांदी, हीरे के आभूषण खरीदते हैं। इन वस्तुओं को खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। कोई भी त्यौहार बिना मिठाइयों के पूरा नहीं…
धनतेरस (Dhanteras)भारत में मनाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। धनतेरस पर लोग नए बर्तन, सोना, चांदी, हीरे के आभूषण खरीदते हैं। इन वस्तुओं को खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। कोई भी त्यौहार बिना मिठाइयों के पूरा नहीं होता। धनतेरस भी कई प्रकार की मिठाइयां तैयार करके मनाया जाता है। इन व्यंजनों को धनतेरस पर तैयार करना काफी शुभ माना जाता है। ये व्यंजन लक्ष्मी पूजन के दौरान भोग के रूप में चढ़ाए जाते हैं।
धनतेरस (Dhanteras) पर बनाएं ये 5 खास व्यंजन
लापसी
लापसी भारत के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में धनतेरस पर तैयार किया जाने वाला एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसे आटे का हलवा भी कहा जाता है। लापसी में सामान्य हलवे की तुलना में पतली स्थिरता होती है। ये मीठा व्यंजन गेहूं के आटे, घी और चीनी से तैयार किया जाता है। बहुत से लोग व्यंजन को अधिक गाढ़ा बनाने के लिए इसमें पानी की जगह दूध मिलाते हैं।
खील बताशे
लक्ष्मी पूजन के दौरान खील बताशे का भोग मुख्य तौर पर लगाया जाता है। ये दिवाली पर उत्तर भारत में व्यापक रूप से खाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खील बताशे दिवाली उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्यों है? खील मूल रूप से धान (चावल) का एक रूप है और दिवाली के त्योहार से ठीक पहले काटा जाता है। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेने के लिए फसल की पहली उपज भोग के रूप में अर्पित की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि धनतेरस और दिवाली के दौरान सफेद और मीठे व्यंजन खाने से धन और समृद्धि आती है।
नैवेद्य रेसिपी
महाराष्ट्र में धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी को नैवेद्य का भोग लगाया जाता है। पिसे हुए सूखे धनिये के बीजों को गुड़ के साथ मिलाकर इसे बनाया जाता है।
पंचामृत
ये एक पवित्र पेय है। इसे पांच सामग्री- दूध, दही, घी, शहद, चीनी से बनाया जाता है और लक्ष्मी पूजन के दौरान भोग के रूप में चढ़ाया जाता है। पंचामृत को बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी पांच सामग्रियों का अपना अनोखा महत्व है। दूध पवित्रता, घी शक्ति और जीत, मधुमक्खियां शहद पैदा करती हैं, इसलिए ये समर्पण और एकता का प्रतीक है और चीनी मिठास और आनंद, जबकि दही समृद्धि का प्रतीक है।
बूंदी के लड्डू
लक्ष्मी पूजन के दौरान, देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश दोनों की पूजा की जाती है। बूंदी के लड्डू गणपति की पसंदीदा मिठाई है, इसलिए भोग के रूप में बूंदी के लड्डू भी चढ़ाए जाते हैं। धनतेरस पर बूंदी के लड्डू का भोग लगाना काफी शुभ होता है।
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