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नासा और आईएसएस ने भी इस प्रकाश गंगा की प्रशंसा की: एके शर्मा

महाकुंभनगर। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा (AK Sharma) ने तीर्थराज प्रयाग में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के विशेष अमृत स्नान (Amrit Snan) पर्व पर महाकुंभ (Maha Kumbh) मेला क्षेत्र में…

24GhanteOnline
January 28, 2025
4 min read

महाकुंभनगर। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा (AK Sharma) ने तीर्थराज प्रयाग में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के विशेष अमृत स्नान (Amrit Snan) पर्व पर महाकुंभ (Maha Kumbh) मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का मंगलवार को 04 किमी पैदल चलकर-खोया-पाया केन्द्र, वाटर एटीएम, शौचालय, बिजली के खम्भों पर लगे बार-कोड, जल निगम के द्वारा लगाये गये पेयजल की टोंटी, घाटों एवं मेला क्षेत्र की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। साथ ही संगम व आस-पास के नदी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक युक्त मशीन से हो रही साफ-सफाई का भी जायजा लिया।

नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा (AK Sharma) महाकुम्भ-2025 की तैयारियों को लेकर विगत डेढ़ साल से प्रयास कर रहे थे। उन्हीं के प्रयासों का परिणाम है कि प्रयागराज में दुनिया का सबसे साफ-सुथरा, प्रकाशमय व सुव्यवस्थित महाकुम्भ चल रहा है। इसी व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंत्री ने श्रद्धालुओं से स्वयं संवाद कर व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया। इसके लिए मंत्री शर्मा (AK Sharma) सर्वप्रथम खोया पाया केन्द्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने मेले में खोने और उनके पाने वालों का डाटा मांगा और स्वयं कम्प्यूटर चलाकर कार्यों का जायजा लिया, उन्होंने वहाँ के कर्मचारियों को इस व्यवस्था को और भी असरदार बनाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मेला क्षेत्र में बने विद्युत उपकेन्द्र का भी निरीक्षण किया, जिससे कि निर्वाध एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित रहे। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मेला क्षेत्र में निर्बाध एंव सुरक्षित बिजली 24×7 देने के निर्देश दिये। इस दौरान मंत्री ने बिजली के खंभे पर लगे क्यूआर कोड का निरीक्षण किया और इसकी सत्यता भी परखी तथा वहां के लोगों से इस सुविधा के बारे में फीडबैक भी लिया। इस तकनीक से भूले भटके लोग खंभे में लगे बार कोड और नंबर के माध्यम से सही रास्तों की जानकारी व अपने लोगों को आसानी से ढूंढ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लिए बिजली के हर खंभे की जीआईएस मैपिंग करके उसकी भौगोलिक जगह चिन्हित की गई है। हज़ारों लोगों ने अभी तक इसका लाभ लिया है और आवश्यकता पड़ने पर इस सुविधा का आप भी लाभ लें सकते हैं।

मौनी अमावस्या को लेकर नगर निगम ने शहर भर में बनवाए 88 रेस्ट एरिया


ए.के. शर्मा (AK Sharma) ने नगरीय जलनिगम द्वारा लगाये गये शुद्ध पेयजल हेतु वाटर एटीएम व जगह-जगह लगाये गए पानी की टोंटी का भी निरीक्षण किया कि सभी में गुणवत्तापूर्ण व स्वच्छ पानी आ रहा है कि नहीं, लोगों से भी इस संबंध में बात कर फीडबैक लिया। साथ ही उन्होंने नगर निगम द्वारा संगम में लगाई गयी आधुनिक मशीनों द्वारा नदी में की जा रही जल की साफ सफाई कार्यों का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए बनाये गये शौचालयों का निरीक्षण कर साफ-सफाई का जायजा लिया और जहाँ कहीं पर भी जरूरत दिखी वहाँ पर अधिकारियों को निर्देशित किया। मंत्री के निरीक्षण के दौरान लोगों ने इस बार के महाकुम्भ में सफाई व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत प्रकाश एवं अन्य व्यवस्थाओं की खूब सराहना की।

निरीक्षण के उपरांत मंत्री ए.के. शर्मा (AK Sharma) ने पूरे मेला क्षेत्र और सम्पूर्ण प्रयागराज में वैश्विक स्तर की साफ सफाई करने के लिए स्वच्छता कर्मचारियों को साल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की प्रशंसा कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाकुम्भ में संगम स्नान कर लाखों श्रद्धालू व तीर्थयात्री काशी, अयोध्या, चित्रकूटधाम के दर्शन के लिए जाते हैं। इन तीर्थ स्थलों पर भी प्रदेश सरकार द्वारा भी बेहतर व्यवस्था की गई है। किसी भी श्रद्धालू को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही। इस बार के प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 144 साल के बाद बना संयोग बहुत ही पवित्र, पुण्य प्रदान करने वाला व फलदायी है। इसके लिए देश-दुनिया का हर सनातनी महाकुम्भ आना चाहता है। सदियों से यही हमारी संस्कृति, आस्था, भक्ति, श्रद्धा व परम्परा रही है।

मौनी अमावस्या पर कलर कोडेड आश्रय स्थलों पर रुकेंगे श्रद्धालु


उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला क्षेत्र सर्वात्रिक, सुशोभित और सुनिश्चित प्रकाश व्यवस्था इस महाकुम्भ की सबसे बड़ी शक्ति रही है। नासा और आईएसएस ने भी इस प्रकाश गंगा की प्रशंसा की है। महाकुम्भ-2025 में 28 जनवरी तक लगभग 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु व तीर्थयात्री पवित्र संगम में डुबकी लगा चुके हैं। मौनी अमावस्या से पहले मंगलवार को भी लगभग 04 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। मौनी आमावस्या के दिन 10 से 12 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने की संभावना है। मेला क्षेत्र में 10 लाख से अधिक कल्पवासी भी प्रवास कर रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम प्रयागराज महाकुम्भ- 2025 में भाग लेने के लिए दुनिया भर से त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है।

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