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महाकुम्भ के बाद त्रिवेणी के पावन जल की यूपी के बाहर राज्यों में बढ़ी मांग

प्रयागराज। प्रयागराज महाकुम्भ (Maha Kumbh) में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम (Triveni Sangam) में पुण्य की डुबकी लगाई। इस त्रिवेणी के पावन जल (Triveni Water) की डुबकी से कोई छूट न जाय इसके लिए योगी सरकार…

24GhanteOnline
March 8, 2025
3 min read

प्रयागराज। प्रयागराज महाकुम्भ (Maha Kumbh) में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम (Triveni Sangam) में पुण्य की डुबकी लगाई। इस त्रिवेणी के पावन जल (Triveni Water) की डुबकी से कोई छूट न जाय इसके लिए योगी सरकार ने अग्नि शमन विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में त्रिवेणी का पवित्र जल पहुंचाया। यूपी के सभी जिलों में त्रिवेणी का यह जल पहुंचा ही था कि अब देश के दूसरे राज्यों से लोग निजी टैंकर लेकर संगम पवित्र जल लेने पहुंच गए हैं।

यूपी के बाहर राज्यों में बढ़ी त्रिवेणी के पावन जल (Triveni Water) की मांग


उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुम्भ के समापन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में संगम के जल को महा प्रसाद के रूप में पहुंचाने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य महा कुम्भ आने से वंचित रह गई यूपी की जनता को त्रिवेणी के पवित्र जल (Triveni Water) से स्नान का अवसर प्रदान करना था। यूपी के अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को यह जिम्मेदारी दी गई। महाकुम्भ के मुख्य अग्नि शमन अधिकारी प्रमोद शर्मा का कहना है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में त्रिवेणी का जल दमकल गाड़ियों के टैंकर में भरकर पहुंच चुका है। उसका वितरण भी हो गया है।

उनका कहना है कि इधर यूपी के बाहर के कई राज्यों से उनके पास लोगों के फोन आ रहे हैं जिसमें उन राज्यों में भी त्रिवेणी के गंगा जल (Triveni Water) की मांग की गई है। प्रमोद शर्मा का कहना है कि शासन का निर्देश प्रदेश के अंदर गंगा जल आपूर्ति का था जिसे विभाग पूरा कर चुका है। अब निजी तौर पर अपने संसाधनों से लोग अगर गंगा जल लेने संगम आते हैं तो विभाग जल भराने में सहयोग करेगा।

नॉर्थ ईस्ट में असम से निजी टैंकर के साथ त्रिवेणी का जल (Triveni Water) लेने संगम पहुंचे लोग


यूपी के सभी 75 जिलों में अग्नि शमन विभाग की तरफ से त्रिवेणी का पावन जल पहुंचाने का सिलसिला अभी संपन्न ही हुआ था कि नॉर्थ ईस्ट में असम से निजी टैंकर लेकर परम शिवम शिव मंदिर योगाश्रम, गुवाहाटी के संत राजा रामदास त्रिवेणी संगम पहुंच गए। सीएफओ प्रमोद शर्मा का कहना है कि राजा रामदास जी ने टैंकर में गंगा जल भरवाने में विभाग का सहयोग मांगा और उनके विभाग ने उनके टैंकरों में जल भरकर उन्हें यहां से असम के लिए रवाना कर दिया।

इधर संत राजा रामदास का कहना है कि नार्थ ईस्ट के एक मात्र महामंडलेश्वर स्वामी केशव देव महाराज जी ने 40 हजार लीटर और 28 हजार लीटर की क्षमता के ये टैंकर भिजवाए हैं। उनका कहना है कि उनका खालसा प्रयागराज महाकुम्भ के मेले में स्थापित था। उनके वापस जाने के बाद नार्थ ईस्ट में उनके तमाम भक्त, साधु संत और आम लोगों ने उनसे गंगाजल का प्रसाद मांगा तो उन्होंने आने वाले शिष्यों को दो टैंकर के साथ प्रयागराज भेजा है।

रामदास महाराज कहते हैं कि उनके गुरु स्वामी केशवदेव महाराज को ये प्रेरणा योगी सरकार की पहल से मिली जिसमें यूपी के सभी जिलों में फायर डिपार्टमेंट के टैंकर से जल उपलब्ध करवाया गया।

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