RTE के तहत पढ़ने वाले 32 बच्चों के एडमिशन रद्द, वजह कर देगी हैरान
अहमदाबाद में वेजलपुर स्थित ज़ाइडस स्कूल ऑफ एक्सेलेंस में राइट टु एजुकेशन के तहत पढ़ने वाले 32 छात्रों के एडमिशन (Admission) रद्द कर दिए गए है। नियमों के मुताबिक, आरटीई में उन अभिभावकों के बच्चों को प्राइवेट स्कूल में…
अहमदाबाद में वेजलपुर स्थित ज़ाइडस स्कूल ऑफ एक्सेलेंस में राइट टु एजुकेशन के तहत पढ़ने वाले 32 छात्रों के एडमिशन (Admission) रद्द कर दिए गए है। नियमों के मुताबिक, आरटीई में उन अभिभावकों के बच्चों को प्राइवेट स्कूल में एडमिशन दिया जाता है, जिनकी वार्षिक आय 1.50 लाख हों। एडमिशन रद्द किए गए उन सभी 32 बच्चों के अभिभावकों की वार्षिक आय जांच के दौरान 1.50 से अधिक पायी गई है।
डेढ़ लाख से अधिक निकली पेरेंट्स की इनकम
ज़ाइडस स्कूल ऑफ एक्सेलेंस की तरह से अहमदाबाद शहर के जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की गई थी की, उनकी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों की वार्षिक आय आरटीई के नियमों के मुताबिक 1.50 लाख से अधिक है। जिसके बाद 32 बच्चों के अभिभावकों को डीईओ ने जवाब पेश करने के लिए बुलाया था। जांच के दौरान अभिभावकों की वार्षिक आय 5 से 9 लाख रुपये तक पायी गई, जिसके बाद डीईओ ने 32 बच्चों के एडमिशन (Admission) आरटीई से रद्द करने का आदेश किया।
बता दें कि, गुजरात में आरटीआई के तहत गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों को सरकार द्वारा राज्य की प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध करवाई जाती है। आरटीई के तहत मुफ्त शिक्षा का लाभ उन अभिभावकों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय 1.50 लाख हो। एडमिशन पाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाते समय अभिभावकों को अपनी आय का सर्टिफिकेट भी देना होता है लेकिन ज़ाइडस स्कूल में एडमिशन पाने वाले 32 ऐसे अभिभावक पकड़े गए, जिन्होंने वार्षिक आय 9 लाख तक होने के बावजूद 1.50 लाख दिखाकर बच्चों के एडमिशन आरटीई के तहत करवाकर सच में गरीब और सामान्य परिवार के बच्चों का अधिकार छीन लिया।
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अहमदाबाद शहर के डीईओ ने कहा, ज़ाइडस स्कूल की तरफ से जिन बच्चों के अभिभावकों की आय आरटीई के नियमों से अधिक थी उनकी शिकायत मिलने पर सभी अभिभावकों को बुलाकर हकीकत की जांच की गई थी। स्कूल द्वारा जिस प्रकार से अभिभावकों पर आरोप था, उसकी जांच के लिए अभिभावकों की आईटी रिटर्न समेत डॉक्यूमेंट्स की जांच की गई थी, जिनमे अभिभावकों द्वारा आय प्रमाणपत्र में की गई छेड़छाड पकड़ी गई और उनके बच्चों के एडमिशन रद्द किए गए है। इन सभी अभिभावकों को अब अपने बच्चों के एडमिशन किसी दूसरी स्कूल में करवाने होंगे या फ़ीर उसी स्कूल में मौजूदा फीस भरकर अपने बच्चों की पढ़ाई कंटिन्यू करवानी रहेगी।
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