24 घण्टे ऑनलाइन

योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र, विपक्ष की घेराबंदी की तैयारी

उत्तर प्रदेश की सियासत में महिला आरक्षण का मुद्दा अब विधानमंडल के गलियारों तक पहुँच गया है। केंद्र में बिल को लेकर हुए हंगामे के बाद, योगी सरकार (Yogi Government) ने 30 अप्रैल 2026 को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का…

24GhanteOnline
April 20, 2026
2 min read
योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र, विपक्ष की घेराबंदी की तैयारी

उत्तर प्रदेश की सियासत में महिला आरक्षण का मुद्दा अब विधानमंडल के गलियारों तक पहुँच गया है। केंद्र में बिल को लेकर हुए हंगामे के बाद, योगी सरकार (Yogi Government) ने 30 अप्रैल 2026 को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। रविवार को कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसे सोमवार को राज्यपाल के पास औपचारिक स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखना और विपक्षी दलों के "महिला विरोधी" रवैये को जनता के सामने बेनकाब करना है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस विशेष सत्र के दौरान सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी ला सकती है। बीजेपी इस मुद्दे को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक बड़े मास्टरस्ट्रोक के रूप में देख रही है। सरकार की रणनीति है कि संसद में बिल के विरोध या प्रावधानों पर अड़ंगा डालने वाले दलों को सदन के भीतर घेरा जाए और जनता के बीच यह संदेश दिया जाए कि विपक्ष आधी आबादी को उनका हक देने के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर, विपक्ष इस विशेष सत्र को बीजेपी की चुनावी स्टंटबाजी और विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा बता रहा है।

30 अप्रैल को होने वाला यह सत्र केवल विधायी चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच एक तीखे राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनेगा। सरकार इस मंच का उपयोग अपनी महिला केंद्रित योजनाओं और सकारात्मक दृष्टिकोण को स्पष्ट करने के लिए करेगी, जबकि विपक्ष को उनके नकारात्मक रुख के लिए कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

ऐसे समय में जब पूरे देश की नजरें महिला आरक्षण पर टिकी हैं, उत्तर प्रदेश का यह विशेष सत्र 2027 की चुनावी जंग की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।