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चैत्र नवरात्रि का पहला दिन, इस विधि से करें मां शैलपुत्री की पूजा

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के पहले दिन मां शैलपुत्री (Maa Shailputri) की उपासना की जाएगी। मां शैलपुत्री की उपासना करने से व्यक्ति को धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है। मार्केण्डय पुराण के…

24GhanteOnline
March 19, 2026
2 min read

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के पहले दिन मां शैलपुत्री (Maa Shailputri) की उपासना की जाएगी। मां शैलपुत्री की उपासना करने से व्यक्ति को धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है।

मार्केण्डय पुराण के अनुसार, पर्वतराज यानि शैलराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। इसके साथ ही मां शैलपुत्री का वाहन बैल होने के कारण इन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है। मां शैलपुत्री के रूप के बारे में बताएं तो  इनके दो हाथों में से दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल सुशोभित है।

इस मंत्र का करें जाप


कहा जाता हैं कि आज के दिन माता शैलपुत्री की पूजा करने और उनके मंत्र का जप करने से व्यक्ति का मूलाधार चक्र जाग्रत होता है। अतः माता शैलपुत्री का मंत्र

वन्दे वाञ्छित लाभाय चन्द्र अर्धकृत शेखराम्।

वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

इस प्रकार माता शैलपुत्री के मंत्र का कम से कम 11 बार जप करने से आपका मूलाधार चक्र तो जाग्रत होगा ही, साथ ही आपके धन-धान्य, ऐश्वर्य और सौभाग्य में वृद्धि होगी और आपको आरोग्य तथा मोक्ष की प्राप्ति भी होगी।

मां शैलपुत्री की पूजा विधि


शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जायेगी।  मां शैलपुत्री की उपासना करने से व्यक्ति को धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है। आज के दिन इन सब चीज़ों का लाभ उठाने के लिये देवी मां के इस मंत्र से उनकी उपासना करनी चाहिए। मंत्र है- 'ऊं ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नम:।'

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