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पापमोचिनी एकादशी पर श्रीविष्णु की इस विधि से करें पूजा, सारे पापों से मिल जाएगी मुक्ति

हर साल चैत्र माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचिनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) मनाई जाती है। इस दिन जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णुजी की पूजा-उपासना का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त…

24GhanteOnline
March 18, 2025
2 min read

हर साल चैत्र माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचिनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) मनाई जाती है। इस दिन जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णुजी की पूजा-उपासना का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त श्रद्धानुसार पापमोचिनी एकादशी का व्रत रखते हैं और विष्णुजी की विधिवत पूजा करते हैं, उन्हें सारे पापों से मुक्ति मिलती है और साथ ही भगवान विष्णु प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का वरदान भी देते हैं।

पापमोचिनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) की डेट-


दृक पंचांग के अनुसार, इस साल पापमोचिनी एकादशी तिथि दो दिन पड़ रही है। गृहस्थजन 25 मार्च को और वैष्णवजन 27 मार्च को पापमोचिनी एकादशी व्रत रखा जाएगा।

मुहूर्त-

एकादशी तिथि प्रारम्भ - मार्च 25, 2025 को 05:05 ए एम बजे

एकादशी तिथि समाप्त - मार्च 26, 2025 को 03:45 ए एम बजे

पापमोचिनी एकादशी मंगलवार, मार्च 25, 2025 को

26 मार्च को, पारण (व्रत तोड़ने का) समय - 01:41 पी एम से 04:08 पी एम

पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय - 09:14 ए एम

पापमोचिनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) पारण


वैष्णव पापमोचिनी एकादशी बुधवार, मार्च 26, 2025 को

27 मार्च को, वैष्णव एकादशी के लिए पारण (व्रत तोड़ने का) समय - 06:17 ए एम से 08:45 ए एम

पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी।

पूजा-विधि:


सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।

घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।

भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।

अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।

भगवान की आरती करें।

भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं।

इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।

इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

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