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जीवन में सिर्फ एक बार नहाती है यहां की महिलाएं, जानिए इस अनोखी जनजाति के बारे में

दिल्ली। दुनिया में कई विचित्र जनजातियां (Tribes) हैं जिनकी मान्यताएं दूसरों को हैरान करती हैं। ये मान्यताएं सालों पुरानी हैं जिनका आदिवासी लोग आज भी पालन करते हैं। अफ्रीका में रहने वाली एक जनजाति (African tribes weird…

24GhanteOnline
June 24, 2026
3 min read

दिल्ली। दुनिया में कई विचित्र जनजातियां (Tribes) हैं जिनकी मान्यताएं दूसरों को हैरान करती हैं। ये मान्यताएं सालों पुरानी हैं जिनका आदिवासी लोग आज भी पालन करते हैं। अफ्रीका में रहने वाली एक जनजाति (African tribes weird tradition) आज भी अपनी कुछ मान्यताओं को मानती है जो आपको हैरान कर सकती हैं।

नामिबिया की रहने वाली हिंबा जनजाति (Himba tribe) बेहद अनोखी है। वो इसलिए क्योंकि यहां के लोगों में बच्चे के जन्म को लेकर काफी रोचक एक परंपरा है। अन्य जगहों की तरह इस जनजाति में बच्चे के जन्म की तिथि तब नहीं मानी जाती है जब उसका इस दुनिया में जन्म होता है। बल्कि जब महिला इस बात को सोचती है कि वो बच्चे को जन्म देगी, तब से यहां बच्चे का जन्म माना जाता है। लिंक्डइन पर Elizabeth Nasaka नाम की एक यूजर ने इस जनजाति की अनोखी मान्यता से जुड़ी जानकारी दी।

बच्चों को दिया जाता है खास गाना


एलिजाबेथ ने लिखा कि महिला एक पेड़ के नीचे बैठती है और बच्चे जन्म देने वाले बच्चे से जुड़े गीत को सुनने की कोशिश करती है। जब उसे लगता है कि बच्चे ने उसे गीत का सुझाव दे दिया है, यानी गीत उसके दिमाग में आ गया है तब वो अपने पार्टनर को भी वो गीत सुनाती है और दोनों संबंध बनाने के दौरान भी इस गीत को गाते हैं। जब महिला प्रेग्नेंट हो जाती है तो वो जनजाति की दूसरी महिलाओं को वो गीत सिखाती है और सब मिलकर उसे याद करते हैं।

प्रेग्नेंसी में इन बातों का रखें खास ध्यान


फिर प्रेग्नेंसी के फेज में वो उसे घेरकर वो गीत उसे सुनाते हैं। बच्चे के जन्म होने से लेकर उसके बड़े होने तक गांव के हर व्यक्ति को बच्चे का गीत याद हो जाता है जिसे वो हर परिस्थिति में, यानी मनोबल बढ़ाने के लिए, चोट लग जाने पर आराम देने के लिए या फिर कोई गलती हो जाने पर वो गाकर सुनाते हैं। इससे इंसान को हमेशा ये ध्यान रहता है कि उसकी हकीकत क्या है। इंसान के मरने तक ये गीत लोग उसे सुनते रहते हैं और उसकी अंतिम सांस तक उसे गीत सुनाया जाता है।

जीवन में सिर्फ एक बार नहाती हैं जनजाति की महिलाएं


आपको जानकर हैरानी होगी कि इस जनजाति की महिलाएं जीवन में सिर्फ एक बार नहाती (Himba women) हैं, वो भी अपनी शादी के दिन। इसके अलावा वो पानी का इस्तेमाल कर कपड़े भी नहीं धुल सकतीं। हिंबा जनजाति की महिलाएं खुद को साफ रखने के लिए खास जड़ी-बूटियों को पानी में उबालकर उसकी भाप से खुद को साफ करती हैं। इससे शरीर से बदबू नहीं आती है। इसके अलावा चमड़ी को धूप से बचाने के लिए महिलाएं खास तरह का लोशन जानवरों की चर्बी और लोहे की तरह एक खनिज तत्व, हेमाटाइट, से बनाती हैं और उसे शरीर पर लगाती हैं। इस तत्व से शरीर लाल हो जाता है जिससे वो खुद को मर्दों से अलग कर पाती हैं।

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