नागपंचमी के दिन क्यों की जाती है गुड़ियों की पिटाई?, जानें इसका पौरादिक महत्व
सभी जानते हैं कि सावन का महीना महादेव को समर्पित है। महादेव अपने गले में सर्प को लपेट के रखते हैं यानी की नाग देवता भी सनातन में पूजनीय स्थान रखते हैं। वैसे तो हर महीने में दो बार पंचमी में तिथि आती है लेकिन सावन के…
सभी जानते हैं कि सावन का महीना महादेव को समर्पित है। महादेव अपने गले में सर्प को लपेट के रखते हैं यानी की नाग देवता भी सनातन में पूजनीय स्थान रखते हैं। वैसे तो हर महीने में दो बार पंचमी में तिथि आती है लेकिन सावन के महीने की शुक्ल पक्ष पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि यह शिव का महीना है और नाग शिव के गण हैं इसलिए उनकी पूजा भी इसी माह में की जाती है।
देश के कई हिस्सों में इस दिन को गुड़िया (Gudiya) पर्व के रूप में मनाया जाता है यानी कि इस दिन गुड़िया को पीटने की अनोखी और अजब परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसके पीछे दो पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं।
पहली पौराणिक कथा
बताया जाता है कि भगवान शिव का एक भक्त था महादेव, वह भगवान शिव का अनन्य भक्त था और रोज शिव मंदिर जाकर शिव भगवान के साथ-साथ नाग देवता की भी पूजा किया करता था। उसकी इस भक्ति से प्रसन्न होकर एक दिन नाग देवता स्वयं प्रकट हो गए और भक्त के पास आकर बैठ गए जब महादेव की बहन ने देखा कि एक नाग मेरे भाई के समीप आ रहा है तो उसने डंडे से उस नाग को मार दिया। इसके बाद से ही बहन स्वरूप गुड़िया (Gudiya) को पीटने की परंपरा चली आ रही है।
दूसरी पौराणिक कथा
वहीं लोगों की मान्यता है की एक भाई बहन आपस में बेहद प्रेम करते थे वह साथ ही शिव मंदिर पूजा के लिए जाया करते थे। एक दिन उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर नाग देवता वहीं आकर बैठ गए। इतने में बहन की आंख खुली और उसने देखा कि मेरे भाई के पास नाग बैठा है तो उसने नाग को डंडे से मार दिया इस पर वहां बैठे पुजारी ने कहा कि अब आपकी बहन को सर्प दोष से गुजरना पड़ेगा।
भाई अपनी बहन को अत्यंत प्रेम करता था इसलिए उसने पुजारी से कहा कि कैसे भी मेरी बहन को श्राप से मुक्त करवाइए, तब उन्होंने एक उपाय बताया। उन्होंने कहा कि अगर तुम एक कपड़े की गुड़िया (Gudiya) बनाकर उसे 11 बार सीधा और 11 बार उल्टा पिटोगे और बाद में उसे मिट्टी में दबा दोगे, उसके तत्पश्चात नाग देवता की पूजा करोगे तो तुम्हारी बहन को सर्प दोष से मुक्ति मिल जाएगी। भाई ने वैसा ही किया और अपनी बहन को सर्प दोष से बचा लिया। तभी से इस दिन को गुड़िया पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।
इस दिन गुड़ियों (Gudiya) को पीटने की है परंपरा
इस दिन भारत के कई हिस्सों में बहनें कपड़े की गुड़िया (Gudiya) बनाकर उसे सजाकर तालाब या सड़क के किनारे रख देती हैं, भाई आकर उन गुड़ियों को पीटते हैं और फिर उसने मिट्टी में दबा देते हैं। इसके बाद नाग देवता की पूजा की जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से भाई बहन में प्रेम बढ़ता है और लोगों को कालसर्प दोष से छुटकारा मिलता है।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
धनतेरस पर खरीदारी के बाद न करें ये गलती, जानें बर्तन, सोना-चांदी और झाड़ू की पूजा का तरीका
करवा चौथ पर इन दिशाओं में करें पूजा, खुशियों से महक उठेगा दांपत्य जीवन
Karwa Chauth Vastu Rules: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार,…
कब है शरद पूर्णिमा? जानें खीर रखने का महत्व
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को विशेष फलदायी तिथि माना जाता है। साल 2026 में यह पर्व रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कोजागरी पूर्णिमा के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।…
मनी प्लांट इस जगह रखने से हो सकती है धन की हानि
हर पौधे के लिए एक दिशा निर्धारित है। घर में मनी प्लांट (Money Plant) लगाने से धन और सुख-समृद्धि बढ़ती है, लेकिन गलत दिशा में रखे मनी प्लांट की वजह से आपको पैसों का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। >> मनी प्लांट (Money…
