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वैशाख की मासिक शिवरात्रि कब है, नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त

जिस प्रकार हर महीने में दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है, ठीक उसी प्रकार हर महीने में एक बार मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की…

24GhanteOnline
April 17, 2025
2 min read

जिस प्रकार हर महीने में दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है, ठीक उसी प्रकार हर महीने में एक बार मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही, मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए भी मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस समय वैशाख माह चल रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं वैशाख महीने में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि की सही डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व।

वैशाख मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) कब है?


मासिक शिवरात्रि का व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 अप्रैल को सुबह 8:27 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 27 अप्रैल को सुबह 4:49 मिनट पर होगा। ऐसे में मासिक शिवरात्रि का व्रत 26 अप्रैल 2025 को रखा जाएगा।

वैशाख मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) शुभ योग


अभिजीत मुहूर्त योग 11:53 मिनट से दोपहर 12:45 मिनट तक। वहीं, भद्रावास योग सुबह 08:27 मिनट तक। मान्यता है कि इन दोनों योग में भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) व्रत क्यों किया जाता है?


हर महीने की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक शिवरात्रि के दिन शिव जी की पूजा से जीवन में सुख-शांति आती है और सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। ऐसा माना जाता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है और मनचाहा जीवन साथी मिलता है।

मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) क्यों मनाई जाती है?


हर महीने में एक बार मासिक शिवरात्रि मनाने की भी परंपरा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रात के चौथे प्रहर में भगवान शिव का अवतरण शिवलिंग के रूप में हुआ था। तभी से इस दिन मासिक शिवरात्रि मनाई जाने लगी। ऐसे में मासिक शिवरात्रि के दिन मासिक शिवरात्रि की व्रत कथा जरूर पढ़नी चाहिए।

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