वैशाख की मासिक शिवरात्रि कब है, नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त
जिस प्रकार हर महीने में दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है, ठीक उसी प्रकार हर महीने में एक बार मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की…
जिस प्रकार हर महीने में दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है, ठीक उसी प्रकार हर महीने में एक बार मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही, मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए भी मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस समय वैशाख माह चल रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं वैशाख महीने में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि की सही डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व।
वैशाख मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) कब है?
मासिक शिवरात्रि का व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 अप्रैल को सुबह 8:27 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 27 अप्रैल को सुबह 4:49 मिनट पर होगा। ऐसे में मासिक शिवरात्रि का व्रत 26 अप्रैल 2025 को रखा जाएगा।
वैशाख मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) शुभ योग
अभिजीत मुहूर्त योग 11:53 मिनट से दोपहर 12:45 मिनट तक। वहीं, भद्रावास योग सुबह 08:27 मिनट तक। मान्यता है कि इन दोनों योग में भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) व्रत क्यों किया जाता है?
हर महीने की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक शिवरात्रि के दिन शिव जी की पूजा से जीवन में सुख-शांति आती है और सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। ऐसा माना जाता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है और मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) क्यों मनाई जाती है?
हर महीने में एक बार मासिक शिवरात्रि मनाने की भी परंपरा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रात के चौथे प्रहर में भगवान शिव का अवतरण शिवलिंग के रूप में हुआ था। तभी से इस दिन मासिक शिवरात्रि मनाई जाने लगी। ऐसे में मासिक शिवरात्रि के दिन मासिक शिवरात्रि की व्रत कथा जरूर पढ़नी चाहिए।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
धनतेरस पर खरीदारी के बाद न करें ये गलती, जानें बर्तन, सोना-चांदी और झाड़ू की पूजा का तरीका
करवा चौथ पर इन दिशाओं में करें पूजा, खुशियों से महक उठेगा दांपत्य जीवन
Karwa Chauth Vastu Rules: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार,…
कब है शरद पूर्णिमा? जानें खीर रखने का महत्व
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को विशेष फलदायी तिथि माना जाता है। साल 2026 में यह पर्व रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कोजागरी पूर्णिमा के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।…
मनी प्लांट इस जगह रखने से हो सकती है धन की हानि
हर पौधे के लिए एक दिशा निर्धारित है। घर में मनी प्लांट (Money Plant) लगाने से धन और सुख-समृद्धि बढ़ती है, लेकिन गलत दिशा में रखे मनी प्लांट की वजह से आपको पैसों का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। >> मनी प्लांट (Money…
