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रक्षाबंधन कब है, जानिए राखी बांधने का मुहूर्त

हिंदू धर्म में रक्षाबंधन (Rakshabandhan) का विशेष महत्व है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और अटूट रिश्ते को समर्पित होता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा-सूत्र यानी राखी बांधती हैं और उसकी लंबी उम्र, स्वास्थ्य और…

24GhanteOnline
July 1, 2025
3 min read

हिंदू धर्म में रक्षाबंधन (Rakshabandhan) का विशेष महत्व है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और अटूट रिश्ते को समर्पित होता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा-सूत्र यानी राखी बांधती हैं और उसकी लंबी उम्र, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करती हैं। साथ ही, भाई भी अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। भाई-बहन का यह रिश्ता भले ही नोक-झोंक से भरा हो, लेकिन इसमें प्यार और अपनापन हमेशा बना रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्वंय देवी-देवता भी रक्षाबंधन (Rakshabandhan) मनाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन इस साल किस दिन है, क्या है भद्रा का योग और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कौन सा है। जानिए यहां…

2025 में कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन (Rakshabandhan)?


पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल 2025 में श्रावण पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर 9 अगस्त की दोपहर 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। चूंकि रक्षाबंधन उदया तिथि को मनाने की परंपरा है, इसलिए इस बार रक्षाबंधन 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी।

क्या रक्षाबंधन (Rakshabandhan) पर भद्रा का साया रहेगा?


भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। खासकर रक्षाबंधन (Rakshabandhan) के दिन भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। कई बार लोग इसी उलझन में रहते हैं कि कहीं राखी भद्रा काल में तो नहीं पड़ रही। लेकिन इस बार बहनों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भद्रा काल 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से 9 अगस्त सुबह 1:52 बजे तक रहेगा। रक्षाबंधन 9 अगस्त को है, इसलिए उस दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। बहनें बिना किसी चिंता के अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।

कब है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?


रक्षाबंधन (Rakshabandhan) के दिन बहनें व्रत भी रखती हैं और शुभ समय देखकर ही भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 9 अगस्त को सुबह 5:35 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान राखी बांधना अत्यंत शुभ फलदायक होगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। अगर किसी कारणवश मुख्य मुहूर्त में राखी नहीं बांध पाईं तो अभिजीत मुहूर्त में बांध सकते हैं।

राखी कब हटाना चाहिए?


परंपरागत रूप से रक्षाबंधन (Rakshabandhan) पर बांधी गई राखी को 24 घंटे बाद हटाया जा सकता है। कुछ लोग इसे जन्माष्टमी के दिन तक पहनकर रखते हैं। कई भाई तो इसे तब तक नहीं हटाते जब तक यह खुद से कलाई से गिर न जाए। यह राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि बहन की दुआ और प्रेम का प्रतीक होती है, इसलिए इसका विशेष सम्मान किया जाता है।

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