अप्रैल में कब से लग रहा है पंचक, भूल कर भी न करें ये काम
हिंदू धर्म में पंचक (Panchak) को एक अशुभ समय माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, पंचक के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है और साथ ही इसमें कई सावधानियां बरतनी होती हैं, जिससे पंचक का बुरा प्रभाव न मिल…
हिंदू धर्म में पंचक (Panchak) को एक अशुभ समय माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, पंचक के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है और साथ ही इसमें कई सावधानियां बरतनी होती हैं, जिससे पंचक का बुरा प्रभाव न मिल पाएं। लेकिन अगर आपको पंचक के दौरान कोई काम जरूरी हो, तो इसके लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पंचक के दौरान मांगलिक कार्य करने से शुभ परिणाम नहीं मिल पाते हैं।
अप्रैल पंचक (Panchak) का समय
पंचांग के अनुसार, अप्रैल में पंचक बुधवार, 23 अप्रैल को रात 12 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर शनिवार 26 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 26 मिनट तक रहेंगे। इन पांच दिनों के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
पंचक (Panchak) में वर्जित कार्य
पंचक (Panchak) के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक जैसे – मुंडन, सगाई, विवाह, कारोबार की शुरुआत, घर बनवाना, गाड़ी खरीदना, सोना और चांदी खरीदना आदि काम नहीं करना चाहिए। साथ ही, पंचक की अवधि में पैसों से जुड़ा लेनदेन, दक्षिण दिशा में यात्रा करना, चारपाई बनाना या मकान पर छत ढलवाने जैसे काम भी नहीं किए जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पंचक के दौरान इन कार्यों को करने से व्यक्ति को बुरे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
पंचक (Panchak) के दौरान करें ये उपाय
पंचक के दौरान अगर आप दक्षिण दिशा में यात्रा करना चाहते हैं, तो यात्रा शुरू करने से पहले हनुमान मंदिर में जाकर पूजा करें और बजरंगबली को पांच तरह के फल चढ़ाएं। इसके बाद ही यात्रा शुरू करें। वहीं, अगर पंचक के दौरान दाह संस्कार करना हो, तो शव दाह करते समय पांच अलग पुतले बनाकर उन्हें भी साथ में जलाना चाहिए।
अगर आपने पंचक के दौरान चारपाई या पलंग बनवाया है, तो पंचक की समाप्ति के बाद ही इसका इस्तेमाल करें। वहीं अगर आपको पंचक में मकान पर छत डलवानी है, तो इसके लिए पहले मजदूरों को मिठाई खिलाएं और फिर छत डलवाने का काम करवाना चाहिए।
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