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कब है अपरा एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

एकादशी तिथि बहुत पावन और विशेष मानी जाती है। ये तिथि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित की गई है। हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु की…

24GhanteOnline
May 13, 2026
3 min read
कब है अपरा एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

एकादशी तिथि बहुत पावन और विशेष मानी जाती है। ये तिथि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित की गई है। हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। हर एक एकादशी व्रत का अपनाा महत्व है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली एकादशी को अपरा एकादशी (Apara Ekadashi)कहा जाता है। इस एकादशी का जिक्र ब्रह्मवैवर्त पुराण, भविष्य पुराण और महाभारत में विस्तार से मिलता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु का पूजन करने से कई तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही पुण्य प्राप्त होता है। ये एकादशी सुख-समृद्धि और मोक्ष देने वाली एकादशी कही जाती है। हालांकि, इस साल लोगों के मन में अपरा एकादशी (Apara Ekadashi)की तारीख को लेकर संशय है कि ये व्रत 12 मई को रखा जाएगा या 13 को। ऐसे में आइए जानते हैं इस व्रत की सही तारीख। साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) कब है?


द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण की एकादशी तिथि 12 मई यानी कल दोपहर को 02 बजकर 52 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 13 मई को दोपहर 01 बजकर 29 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि को देखते हुए 13 मई को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) शुभ मुहूर्त


अपरा एकादशी (Apara Ekadashi)के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।
गोधूलि मुहूर्त शाम 07 बजकर 02 मिनट से 07 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
निशिता मुहूर्त रात को 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) पूजा विधि


- अपरा एकादशी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- फिर घर या मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
- पीले फूल, तुलसी दल, पंचामृत और पीले भोग अर्पित करें।
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
- व्रत कथा सुनें और आरती करें।
- अगले दिन द्वादशी पर व्रत का पारण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) व्रत पारण टाइम


अपरा एकादशी का पारण समय 14 मई को सुबह 06 बजकर 04 मिनट से 08 बजकर 41 मिनट तक रहने वाला है।

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