Vision Pro को झटका? Apple ने घटाया प्रोडक्शन
Apple के महंगे मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट Apple Vision Pro को लेकर कंपनी की शुरुआती उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. कमजोर कंज्यूमर डिमांड के चलते एपल ने इसके प्रोडक्शन और मार्केटिंग दोनों में कटौती कर दी है. इंडस्ट्री डेटा के…

Apple के महंगे मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट Apple Vision Pro को लेकर कंपनी की शुरुआती उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. कमजोर कंज्यूमर डिमांड के चलते एपल ने इसके प्रोडक्शन और मार्केटिंग दोनों में कटौती कर दी है. इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, न तो बिक्री की रफ्तार बनी और न ही नया अंतरराष्ट्रीय विस्तार हो पाया. अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि एपल इस प्रोडक्ट को आगे कैसे संभालता है. अब कंपनी मेटा की तरह स्मार्ट चश्में पर निवेश कर रही है.
प्रोडक्शन और विज्ञापन खर्च में बड़ी कटौती
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एपल के मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर Luxshare ने 2024 की शुरुआत में Vision Pro का प्रोडक्शन रोक दिया था. लॉन्च के बाद कुल करीब 3.9 लाख यूनिट्स ही शिप हो पाईं. वहीं सेंसर टॉवर के डेटा से पता चलता है कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बड़े बाजारों में Vision Pro के लिए डिजिटल एडवरटाइजिंग खर्च में 95 प्रतिशत से ज्यादा की कटौती की गई है. इससे साफ संकेत मिलता है कि एपल ने इस प्रोडक्ट की शॉर्ट-टर्म कमर्शियल स्ट्रैटेजी पर दोबारा विचार किया है.
बिक्री के आंकड़े और सीमित मार्केट विस्तार
Apple ने आधिकारिक तौर पर Vision Pro की बिक्री के आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन IDC का अनुमान है कि 2025 की आखिरी तिमाही में इसकी शिपमेंट घटकर करीब 45 हजार यूनिट्स रह सकती है. यह आंकड़ा एपल के दूसरे प्रोडक्ट्स जैसे iPhone और MacBook की तुलना में बेहद कम है. 3,499 डॉलर की शुरुआती कीमत वाला यह हेडसेट सिर्फ 13 देशों में ही बेचा जा रहा है और 2025 में किसी नए देश में इसकी लॉन्चिंग नहीं हुई.
ऊंची कीमत और कम ऐप्स बनी बड़ी चुनौती
एनालिस्ट्स का मानना है कि Vision Pro की धीमी रफ्तार के पीछे इसकी ऊंची कीमत, भारी डिजाइन और VisionOS के लिए सीमित ऐप्स सबसे बड़े कारण हैं. एपल के मुताबिक, फिलहाल करीब 3,000 ऐप्स ही ऐसे हैं जो खास तौर पर Vision Pro के लिए डिजाइन किए गए हैं. आम कंज्यूमर के लिए यह इकोसिस्टम अभी उतना मजबूत नहीं बन पाया है, जितना एपल ने लॉन्च के समय संकेत दिया था.
पूरे VR मार्केट पर असर
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, ग्लोबल VR हेडसेट मार्केट सालाना आधार पर 14 प्रतिशत गिर चुका है. इस बाजार में मेटा के Quest डिवाइसेज की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत है, हालांकि मेटा ने भी हाल के महीनों में अपने विज्ञापन खर्च कम किए हैं. एपल ने अक्टूबर में Vision Pro का M5 चिप वाला अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च किया, जिसमें बेहतर बैटरी और नया हेडबैंड दिया गया. कंपनी इस साल एक सस्ता और लो-स्पेक वर्जन लाने की तैयारी में है. एंटरप्राइज यूज जैसे पायलट ट्रेनिंग और सर्जरी में Vision Pro को कुछ अपनापन जरूर मिला है, लेकिन कंज्यूमर लेवल पर इसकी मांग अब भी Apple के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
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