24 घण्टे ऑनलाइन

अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 1 करोड़ का नक्सली समेत दो को किया ढेर

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में जारी नक्सल विरोधी अभियान (Anti-Naxal Operation) को बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों (Naxals) के बीच मुठभेड़ में नक्सलियों के शीर्ष नेता कोसा और…

24GhanteOnline
September 22, 2025
2 min read
अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 1 करोड़ का नक्सली समेत दो को किया ढेर

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में जारी नक्सल विरोधी अभियान (Anti-Naxal Operation) को बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों (Naxals) के बीच मुठभेड़ में नक्सलियों के शीर्ष नेता कोसा और राजू उर्फ विकल्प मारे गए हैं। दोनों लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल थे। कोसा नक्सलियों (Naxals) की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वहीं राजू उर्फ विकल्प पर 70 लाख रुपये का इनाम था।

जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को इलाके में नक्सलियों (Naxals) की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान नक्सलियों ने फोर्स पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में कोसा और राजू उर्फ विकल्प ढेर हो गए। घटनास्थल से एके-47 राइफल, विस्फोटक और भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की गई है। एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि यह कार्रवाई नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है। कोसा नक्सलियों के शीर्ष नेताओं में गिना जाता था और कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड रहा है। राजू उर्फ विकल्प भी संगठन का अहम चेहरा था।

नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज


इन दोनों की मौत नक्सल नेटवर्क की रणनीतिक क्षमता को कमजोर कर देगी। सुरक्षा बलों का कहना है कि बीते एक साल में नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज हुआ है। अब तक 36 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। 496 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। 193 नक्सली मारे गए हैं और लगभग 900 गिरफ्तार किए गए हैं। इससे संगठन का ढांचा कमजोर पड़ा है. सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के सफाए का लक्ष्य तय किया है। अब इस लक्ष्य तक केवल सात महीने बचे हैं।

बीजापुर जिला वर्तमान में सबसे अधिक माओवादी प्रभावित माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्णायक लड़ाई बीजापुर और आसपास के इलाकों में ही होगी। स्थानीय स्तर पर सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से भी नक्सलवाद पर अंकुश लग रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलवाद की ताबूत पर अंतिम कील बीजापुर में ही ठोकी जाएगी। नारायणपुर की यह कार्रवाई उसी दिशा में उठाया गया निर्णायक कदम है।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

बालाजी धाम से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर, कार बस में घुसी; तीन की मौत

राजस्थान के बालाजी धाम से दर्शन कर लौट रहे एक परिवार की खुशियां गुरुग्राम में हुए भीषण सड़क हादसे में मातम में बदल गईं। गुरुवार तड़के दिल्ली-बड़ोदरा एक्सप्रेसवे पर सोहना के लोहटकी गांव के पास एक स्विफ्ट कार सड़क किनारे…

अमेरिका में गिरफ्तार मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, नीरज फरीदपुरिया भी पकड़ा गया

भारत के सबसे वांछित (मोस्ट वांटेड) अपराधियों में से एक, गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय जांच एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा के रहने वाले इस गैंगस्टर को…

नूंह में आधी रात पुलिस का एक्शन, मुठभेड़ में शाहिद की मौत

हरियाणा के नूंह (Nuh) जिले में गुरुवार सुबह पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान गोली लगने से शाहिद उर्फ ‘आडवाणी’ घायल हो गया। उसे इलाज के लिए सोहना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान…

दिल्ली बिल्डिंग हादसे में बड़ा एक्शन, मालिक के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने फरार बताए जा रहे कथित बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल की गिरफ्तारी के लिए…