टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश? एक चूक से बची जान!
Tiger Shroff Firing: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू में हुए फायरिंग केस में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो हमलावर बताए जा रहे थे, लेकिन अब सामने आया है कि…
24GhanteOnline
October 19, 20263 min read

Tiger Shroff Firing: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू में हुए फायरिंग केस में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो हमलावर बताए जा रहे थे, लेकिन अब सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए तीन शूटर पहुंचे थे। आरोपियों ने पांच नहीं, बल्कि कुल सात राउंड फायर किए। इनमें पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो निशाने से चूक गईं।
प्वॉइंट ब्लैंक से फायर की कोशिश
इस हमले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि एक शूटर टाइगर श्रॉफ के बेहद करीब पहुंच गया था। उसने कथित तौर पर प्वॉइंट-ब्लैंक रेंज से टाइगर पर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन ऐन वक्त पर उसकी पिस्टल जाम हो गई। हथियार में आई इस तकनीकी खराबी के चलते टाइगर बाल-बाल बच गए। पुलिस की जांच इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है।
45 मिनट तक टारगेट का इंतजार
पुलिस के मुताबिक हमलावर अचानक मौके पर नहीं पहुंचे थे। उन्होंने करीब 45 मिनट तक इलाके में खड़े रहकर अपने टारगेट का इंतजार किया था। इससे आशंका बढ़ी है कि हमले की पहले से योजना बनाई गई थी। फायरिंग के बाद आरोपी वारदात में इस्तेमाल बाइक को अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर विरार की दिशा में फरार हो गए।
ड्राइवर और फैन को लगी गोली
हमलावरों की ताबड़तोड़ फायरिंग में टाइगर के ड्राइवर फिरदौस के हाथ में गोली लगी। वहीं, पास खड़ा एक फैन भी गोली लगने से घायल हो गया। उसके सीने के पास गोली लगी और उसकी हालत गंभीर बताई गई है। फायरिंग के दौरान कार के शीशे टूटकर बिखर गए और उनके टुकड़ों से टाइगर के शरीर पर मामूली खरोंचें आईं। सीधे गोली लगने से वह बच गए।
पार्टी से निकलते ही घेरा
यह वारदात 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे हुई। टाइगर श्रॉफ जुहू के पुष्पा नरसी पार्क में आयोजित एक बर्थडे पार्टी से निकल रहे थे। जैसे ही उनकी कार सड़क पर पहुंची, बाइक सवार हमलावरों ने वाहन को घेर लिया और अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। फायरिंग होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
तीन अज्ञात आरोपियों पर एफआईआर
मुंबई पुलिस ने 19 अक्टूबर की सुबह बताया कि इस मामले में तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जुहू पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से वॉइस नोट
हमले के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक वॉइस नोट भी वायरल हुआ। इसमें दो लोगों ने अपना नाम अनिल पंडित और हरमन संधू बताया और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा बताते हुए फायरिंग की जिम्मेदारी ली। मुंबई पुलिस ने ऑडियो क्लिप को अपने कब्जे में लेकर इसकी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, वायरल दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सीसीटीवी और रूट की जांच
पुलिस अब तीनों संदिग्ध शूटरों के पूरे रूट को खंगाल रही है। शहर के अलग-अलग रास्तों पर नाकाबंदी की गई है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। बाइक के जरिए आरोपियों की गतिविधियों और उनके फरार होने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश भी जारी है।
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