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इन लोगों को नहीं करना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत

हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पावन पर्व मनाया जाता है। ये त्योहार शिव-शक्ति की मिलन की याद में मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान शिव का व्रत और विशेष पूजन करते…

24GhanteOnline
February 13, 2026
2 min read

हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पावन पर्व मनाया जाता है। ये त्योहार शिव-शक्ति की मिलन की याद में मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान शिव का व्रत और विशेष पूजन करते हैं। इस दिन भव्य तरीके से भगवान शिव की बारात भी निकाली जाती है। काशी समेत अन्य शहरों में महाशिवरात्रि का अनोखा रंग दिखता है। इस दिन देश भर के मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ रहती है।

इस साल महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा और इसका पारण 16 फरवरी को किया जाएगा। धार्मिक मान्यतओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन व्रत और पूजन करने पर भगवान शिव सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, लेकिन कुछ लोगों को महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए। शास्त्रों में भी कहा गया है कि हर व्रत सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन लोगों को महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए?

गर्भवती महिलाओं को


गर्भवती महिलाओं को महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का व्रत नहीं रखना चाहिए। क्योंकि इस समय शरीर को अच्छे आहार की जरूरत होती है। भूखे पेट रहने से शिशु पर प्रभाव पड़ सकता है। यही वजह है कि गर्भवती महिलाओं को हर समय कुछ न कुछ खाने को कहा जाता है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी व्रत नहीं रखना चाहिए। क्योंकि उनके शरीर को भी पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है।

बीमार व्यक्ति को


अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसके लिए महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का व्रत रखना वर्जित होता है। हार्ट पेशेंट, डायबिटीज और हाई या लो ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को भी महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए।

बुजुर्गों को


बुजुर्गों को भी महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का व्रत रखने से मना किया जाता है। उपवास करने की जगह बुजुर्गों को केवल महादेव की पूजा करने की सलाह दी जाती है। पूजा करने से भी भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा मिलती है। इस दिन गरीबों को दान भी किया जा सकता है।

मासिक धर्म के दौरान


मासिक धर्म में महिलाओं को व्रत रखने से मनाया किया जाता है। हालांकि, अगर महिलाएं इस स्थिति में महाशिवरात्रि का व्रत करना चाहती है, तो कर सकती हैं, लेकिन शिव जी का ध्यान, भजन और मंत्र जाप करना इनके लिए बेहतर है।

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