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बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। आध्यात्मिकता केवल मंदिर या मस्जिद में पूजा तक सीमित नहीं है। असल में आध्यात्मिक वही है, जिसका…

24GhanteOnline
August 29, 2026
2 min read
बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। आध्यात्मिकता केवल मंदिर या मस्जिद में पूजा तक सीमित नहीं है। असल में आध्यात्मिक वही है, जिसका मन बड़ा हो और जो दूसरों के लिए निस्वार्थ भाव से काम करे।

रक्षा मंत्री शनिवार को गोमतीनगर के विशालखंड स्थित श्रीराम सीनियर सिटीजन होम के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने संचालक एससी शुक्ल व उनकी पत्नी उमा शुक्ल के प्रयासों की सराहना की। कहा कि जिस काम में कोई मुनाफा नहीं है, उसमें उमा शुक्ला का पति को सहयोग करना बड़ी बात है। रक्षा मंत्री ने सुझाव दिया कि यदि वृद्ध पति-पत्नी सीनियर सिटीजन होम में साथ रहना चाहें तो आश्रम में उनके लिए अलग कमरे की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद निधि से भी इस पुण्य कार्य के लिए सहयोग दिया जाएगा।

संचालक एससी शुक्ल ने कहा कि भारत में पितृ देवो भव: और मातृ देवो भव: की परंपरा रही है। इसके बावजूद बुजुर्ग माता-पिता को घर से निकालने की घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं, जो चिंतनीय है। नई पीढ़ी को वेद, गीता व रामायण की शिक्षाओं से जोड़ने की आवश्यकता है। भगवान राम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी बुनियाद और संस्कार मजबूत होंगे तो समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी शुक्ला दंपती के प्रयासों को सराहा। महापाैर सुषमा खर्कवाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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