USB कंडोम क्या है और क्यों है जरूरी? फायदे जानकर चौंक जाएंगे
आज के डिजिटल वर्ल्ड में हर किसी के लिए स्मार्टफोन सबसे जरूरी चीजों में से एक है. ऐसे में अक्सर हम रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मॉल जैसी जगहों पर पब्लिक USB पोर्ट से फोन को चार्ज कर लेते हैं. लेकिन यही सुविधा आपके लिए बड़ा…

आज के डिजिटल वर्ल्ड में हर किसी के लिए स्मार्टफोन सबसे जरूरी चीजों में से एक है. ऐसे में अक्सर हम रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मॉल जैसी जगहों पर पब्लिक USB पोर्ट से फोन को चार्ज कर लेते हैं. लेकिन यही सुविधा आपके लिए बड़ा खतरा बन सकती है. इन पोर्ट्स के जरिए आपका बैंक डाटा, पासवर्ड और निजी जानकारी चोरी हो सकती है. इसी खतरे से बचाने के लिए USB कंडोम (USB Condom) की जरूरत होती है. यहां हम इस डिवाइस के बारे में डिटेल में बता रहे हैं.
USB कंडोम (USB Condom) क्या होता है?
USB कंडोम (USB Condom) असल में एक छोटा सा USB डेटा ब्लॉकर होता है जो चार्जिंग के दौरान फोन और चार्जिंग पोर्ट के बीच लगाया जाता है. पब्लिक प्लेस में फोन को चार्ज करते समय यह डिवाइस सबसे जरूरी हो जाता है. क्योंकि यह आपके फोन को बिजली तो देता है लेकिन डेटा ट्रांसफर को पूरी तरह रोक देता है. यानी आपका फोन चार्ज होगा लेकिन जूस जैकिंग को रोकता है. यानी कोई भी फाइल, पासवर्ड या जानकारी आपके फोन के बाहर नहीं जा पाएगी. इसका आकार बहुत छोटा होता है, इसलिए इसे पॉकेट या बैग में रखना आसान होता है. भारत में इसकी कीमत करीब 500 से 1000 रुपये के बीच होती है.
जूस जैकिंग क्या है?
जूस जैकिंग एक साइबर हमला है जिसमें हैकर पब्लिक USB पोर्ट या केबल में मालवेयर डाल देते हैं. जैसे ही आप अपना फोन वहां लगाते हैं, आपका बैंक डाटा, ओटीपी, ईमेल और पासवर्ड चोरी हो सकता है. RBI भी इसे लेकर चेतावनी दे चुका है. कई मामलों में फोन पूरी तरह लॉक हो सकता है या आपकी पूरी सेविंग उड़ सकती है. यह खतरा दिखता नहीं है, लेकिन नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है.
कैसे काम करता है USB कंडोम (USB Condom) ?
USB कंडोम (USB Condom) आपके चार्जर और फोन के बीच दीवार बन जाता है. यह केवल बिजली को गुजरने देता है और डेटा लाइन को काट देता है. यानी चार्जिंग तो होगी लेकिन कोई भी ऐप, हैकर या सॉफ्टवेयर आपके फोन से जुड़ नहीं पाएगा. यह स्मार्टफोन ही नहीं बल्कि टैबलेट, लैपटॉप और USB-C डिवाइस पर भी काम करता है. कुछ केबल ऐसे भी आते हैं जिनमें डेटा ब्लॉकिंग पहले से बनी होती है.
क्या सच में USB कंडोम (USB Condom) जरूरी है?
हालांकि जूस जैकिंग के मामले बहुत ज्यादा सामने नहीं आए हैं और Android और iPhone में अपनी सुरक्षा होती है, फिर भी खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता. अगर आप ज्यादा सफर करते हैं या बार-बार पब्लिक चार्जिंग पोर्ट इस्तेमाल करते हैं, तो USB कंडोम एक अच्छा सुरक्षा कवच बन सकता है. फिर भी सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप अपना चार्जर या पावर बैंक इस्तेमाल करें.
यात्रा करने वालों के लिए क्यों जरूरी?
जो लोग ट्रेन, बस या फ्लाइट से ज्यादा सफर करते हैं, उनके लिए USB कंडोम (USB Condom) एक जरूरी एक्सेसरी बन सकता है. यह सस्ता है और जेब में आसानी से रखा जा सकता है. जब भी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर फोन लगाएं, इसे बीच में लगा दें और बेफिक्र होकर चार्ज करें. इस छोटी सी डिवाइस से आप अपने पैसे, पहचान और निजी जिंदगी को सुरक्षित रख सकते हैं.
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
WhatsApp-Telegram चलाने का तरीका बदलेगा! फोन में रखना होगा रजिस्टर्ड SIM
अगर आप WhatsApp या Telegram का इस्तेमाल करते समय फोन से SIM कार्ड निकाल देते हैं, या अपने अकाउंट को दूसरे फोन और लैपटॉप पर चलाते हैं, तो आने वाले समय में आपको कुछ बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने…
ट्रंप की एक और नाम बदलने की मांग, सुंदर पिचाई बोले- नो, नो, नो!
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने गूगल के सीईओ (Google CEO) सुंदर पिचाई से अटलांटिक महासागर का नाम बदलने के बारे में बात की थी। ट्रंप की…
अंतरिक्ष में ISRO ने रचा नया अध्याय, EOS-05 की सफल लॉन्चिंग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने EOS-05 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। GSLV-F17 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा से उड़ान भरकर EOS-05 को उसकी निर्धारित Sub-GTO…
WhatsApp Plus पर अब एक साथ 20 चैट कर सकेंगे पिन, बस करना होगा ये काम
अगर आप रोजाना कई जरूरी लोगों और ग्रुप्स से WhatsApp पर बातचीत करते हैं, तो अब बार-बार चैट खोजने की परेशानी कम हो सकती है। WhatsApp Plus सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को अब एक साथ 20 चैट पिन करने की सुविधा मिल रही है।…
