24 घण्टे ऑनलाइन

Budget 2026: टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव संभव, आपकी जेब पर होगा सीधा असर

Budget 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और हर बार की तरह इस बार भी देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स (Taxpayers) की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं। महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच आम आदमी और…

24GhanteOnline
January 30, 2026
3 min read
Budget 2026: टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव संभव, आपकी जेब पर होगा सीधा असर

Budget 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और हर बार की तरह इस बार भी देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स (Taxpayers) की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं। महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच आम आदमी और शेयर बाजार के निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी जेब को थोड़ी राहत जरूर देगी। सबसे ज्यादा चर्चा ‘कैपिटल गेंस टैक्स’ (Capital Gains Tax) को लेकर है। बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से टैक्स (Tax) के नियमों में फेरबदल हुआ है, उसने निवेशकों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बजट में सरकार टैक्स के जटिल जाल को सुलझाने के लिए कुछ बड़े कदम उठा सकती है, जिससे आपकी कमाई पर लगने वाली कैंची थोड़ी कम धारदार हो सकती है।

एक समय सरकार नहीं लेती थी एलटीसीजी टैक्स


टैक्स (Tax) के नियमों को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। एक समय था जब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) पर इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी टैक्स लगता था। इंडेक्सेशन यानी महंगाई के हिसाब से खरीद कीमत को एडजस्ट करना, जिससे टैक्स का बोझ कम हो जाता था। लेकिन 2004 में एक बड़ा बदलाव आया। सरकार ‘सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स’ (STT) लेकर आई। इसके बदले में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर लगने वाले एलटीसीजी टैक्स से पूरी तरह छूट दे दी गई। यह निवेशकों के लिए किसी सुनहरे दौर से कम नहीं था।

हालांकि, यह खुशी हमेशा के लिए नहीं थी। 2018 में सरकार ने दोबारा एलटीसीजी को लागू कर दिया। इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के सेक्शन 112A के तहत 1 लाख रुपये से ज्यादा के मुनाफे पर 10 फीसदी टैक्स लगा दिया गया। यानी, अब निवेशकों को एसटीटी भी देना पड़ रहा था और एलटीसीजी भी। यहीं से नियमों में पेचीदगी की शुरुआत हुई, जिसे सुलझाने की मांग आज भी हो रही है।

क्या इस बार खत्म होगा दोहरे टैक्स का बोझ?


इस बजट से सबसे बड़ी उम्मीद एसटीटी (STT) को लेकर है। जब 2004 में एसटीटी लाया गया था, तो वह एलटीसीजी के विकल्प के रूप में था। लेकिन अब जब एलटीसीजी दोबारा लागू है और इसकी दरें भी बढ़ गई हैं, तो एसटीटी को बनाए रखने का कोई तार्किक आधार नहीं दिखता। बाजार के जानकारों का मानना है कि एसटीटी को हटाने या धीरे-धीरे कम करने से स्टॉक मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी और निवेशकों पर दोहरी मार नहीं पड़ेगी।

इसके अलावा, होल्डिंग पीरियड की विसंगति को दूर करना भी वक्त की मांग है। अभी लिस्टेड शेयरों के लिए यह सीमा 12 महीने है, जबकि अनलिस्टेड शेयरों के लिए 24 महीने। अगर सरकार इसे एक समान कर देती है, तो टैक्स फाइलिंग आसान हो जाएगी।

डेट फंड्स निवेशकों को भी मिलेगा फायदा


म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी यह बजट अहम है। फिलहाल इक्विटी फंड्स के नियम काफी हद तक निवेशकों के पक्ष में हैं, 12 महीने का होल्डिंग पीरियड और 1।25 लाख रुपये तक के मुनाफे पर टैक्स छूट लेकिन डेट फंड्स (Debt Funds) के साथ ऐसा नहीं है। वहां आपकी कमाई पर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है, चाहे आपने फंड कितने भी साल क्यों न होल्ड किया हो। डेट फंड्स से एलटीसीजी बेनिफिट का पूरी तरह खत्म हो जाना कंजरवेटिव इन्वेस्टर्स (जोखिम न लेने वाले निवेशकों) के लिए बड़ा झटका है। उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री इस असमानता को दूर कर मध्यम वर्ग को निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

चांदी की चमक पड़ी फीकी, सोना भी लुढ़का

देशभर के सराफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बहुमूल्य धातुओं के दाम अचानक काफी नीचे आ गए हैं। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स (MCX) पर शुक्रवार के…

सोना हुआ नरम, चांदी में बड़ी गिरावट; जानें आज का ताजा भाव

घरेलू सर्राफा बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के भाव में सांकेतिक कमजोरी का रुख नजर आ रहा है। वहीं चांदी के भाव में आज 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोने की कीमत में गिरावट आने के…

शुरुआती गिरावट के बाद शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 212 अंक चढ़ा

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत भले ही कमजोरी के साथ हुई, लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने बाजार की तस्वीर बदल दी। शुरुआती बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में चले गए थे। इसके बाद दोनों…

करवाचौथ पर सोने-चांदी के दाम में उछाल, खरीदारी से पहले जानें आज के ताजा रेट!

करवाचौथ के मौके पर सोना और चांदी (Gold and silver) खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से नई जानकारी सामने आई है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं के वायदा भाव में बढ़ोतरी दर्ज की…