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घर का सदस्य मानकर करें पौधों की देखभाल: सीएम भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप हमने मन, वचन और कर्म से सदैव पर्यावरण की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव पर्यावरण एवं वृक्षों के संरक्षण के प्रति…

24GhanteOnline
July 27, 2025
6 min read

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप हमने मन, वचन और कर्म से सदैव पर्यावरण की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव पर्यावरण एवं वृक्षों के संरक्षण के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इसे हम जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। प्रत्येक प्रदेशवासी अपनी मां के नाम कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, उसे परिवार का सदस्य मानकर देखभाल करें और हरियालो राजस्थान मिशन में सक्रिय भूमिका निभाएं।

श्री शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) रविवार को जयपुर के मदाऊ स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में 76वें वन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां पार्वती और भगवान शिव को समर्पित हरियाली तीज पर वन महोत्सव मनाने का शुभ अवसर मिला है। हरियाली तीज ही नहीं, बल्कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना और उपासना से जुड़ा है। बाबा भोलेनाथ की विशेष कृपा से हमारे प्रदेश और देश में खूब बारिश हो रही है, जिससे चारों तरफ हरियाली है और खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। प्रदेश में आधे से ज्यादा बांध भर चुके हैं। यह पहली बार हुआ है कि बीसलपुर बांध जुलाई माह में ही भर गया। उन्होंने कहा कि आज किसान, मजदूर सहित सभी वर्ग खुशहाल हो रहे हैं और हमारा राजस्थान समृद्ध हो रहा है।

भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व


उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व है। प्रभु श्रीराम का सीता माता एवं लक्ष्मण जी के साथ चौदह वर्ष तक वन में रहना प्रेरणादायी है। पांडवों ने वनवास के दौरान वन में आश्रय लिया और अपनी सभी जरूरतों को वनोपजों से पूरा किया। मनुष्य किसी भी परिस्थिति में हो, वृक्षों के संग रहकर कुशल जीवनयापन कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्कंदपुराण में भी पेड़ों की महत्ता को दर्शाते हुए एक वृक्ष को दस पुत्रों के बराबर माना गया है।

एक दिन में ढाई करोड़ पौधें लगाने का रिकॉर्ड


मुख्यमंत्री (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने पिछले साल हरियाली तीज के पर्व पर मिशन हरियालो राजस्थान का शुभारंभ किया था। गत वर्ष हमनें 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आज हरियाली तीज के पावन पर्व पर हम एक दिन में ढाई करोड़ पौधे लगाकर एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियालो मिशन के तहत 5 साल में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत अग्रणी


श्री शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी हरित पहलों के माध्यम से क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लड़ाई में भारत को अग्रणी बनाने का काम किया है। भारत ने फ्रांस के साथ इंटरनेशनल सोलर अलायंस बनाकर एक सूर्य, एक दुनिया, एक ग्रिड परियोजना की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पंचामृत की सौगात दी है, जिसमें भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा की आधी जरूरतें अक्षय ऊर्जा से पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सामाजिक सरोकार के कार्य किए जा रहे हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन और एक पेड़ मां के नाम अभियान जनता से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को स्वस्थ रखने में पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम नई पीढ़ी को पर्यावरण से जोड़ने के लिए अनवरत कार्य कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण में राजस्थान एक मिसाल


मुख्यमंत्री (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि राजस्थान में जल और पर्यावरण संरक्षण की परम्परा पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। मां अमृता देवी ने अपनी तीन बेटियों समेत 363 लोगों के साथ वृक्षों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहूति दी थी। हम उनकी इस धरोहर को संरक्षित करने के लिए जोधपुर के खेजड़ली में अमृतादेवी इंडिजिनस प्लांट म्यूजियम बनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में शुद्ध प्राणवायु के लिए नगर वन भी स्थापित किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार से 22 नगर वन स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा 18 अन्य नगर वनों की स्थापना के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भिजवाए गए हैं। ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए उठा रहे महत्वपूर्ण कदम श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में ग्रीन कवर बढ़़ाने के क्रम में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 3 हजार 500 से अधिक स्थानीय व्यक्तियों को वन मित्र बनाया गया है। वहीं, अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और इसे हरा-भरा बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना प्रारम्भ की है। हमने हरित राजस्थान बनाने के साथ पहली बार प्रदेश में ग्रीन बजट भी पेश किया है।

मुख्यमंत्री (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि हमने वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के माध्यम से जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इसके अन्तर्गत 42 हजार से ज्यादा जल स्रोतों की सफाई हुई। वहीं, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान चलाकर 45 हजार जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री (CM Bhajanlal Sharma) ने ड्रोन से किया बीजारोपण —


समारोह में मुख्यमंत्री (CM Bhajanlal Sharma) ने सिंदूर का पौधा लगाया और ड्रोन के माध्यम से बीजारोपण भी किया। उन्होंने वन विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और रोहिड़ा पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया। उन्होंने अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार और इनोवेशन अवॉर्ड का वितरण किया।

श्री शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने विश्वविद्यालय परिसर में जगद्गुरू रामानंदाचार्य की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया। संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान को हरियाला बनाने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश एक हरित क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने कहा कि हम पौधे को लगाने के साथ ही उसके संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं, जिससे वे वृक्ष का आकार ले सके। इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने प्रदेशभर में हरियालो राजस्थान के अंतर्गत किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।

समारोह में सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक श्री कैलाश चन्द वर्मा, जिला प्रमुख श्रीमती रमा देवी चौपड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्री आनन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) श्री पवन कुमार उपाध्याय, जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. रामसेवक दुबे, श्री राम रिछपाल दास जी महाराज, जनप्रतिनिधिगण, एनसीसी व स्कॉउट कैडेट्स, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के राजकीय विद्यालय में हृदय विदारक घटना हुई है। ऐसी दुखांतिका की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं पर भी जर्जर भवन दिखाई दे तो संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचना दें, ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। कार्यक्रम में पीपलोदी दुर्घटना पर दो मिनट का मौन रखा गया।

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