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देश की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं प्रधानमंत्री... शरद पवार ने की पीएम मोदी की तारीफ

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के तरीके की जमकर सराहना की है। मंगलवार शाम मुंबई में पुणे…

24GhanteOnline
May 20, 2026
3 min read

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के तरीके की जमकर सराहना की है। मंगलवार शाम मुंबई में पुणे स्थित लक्ष्मणराव गुट्टे ग्रामीण विकास फाउंडेशन द्वारा आयोजित पूर्व पदाधिकारियों के सम्मान समारोह के दौरान जनता को संबोधित करते हुए शरद पवार (Sharad Pawar) ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और प्रतिष्ठा को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। राज्यसभा सदस्य शरद पवार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सभी दलों को आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होना चाहिए।

पवार (Sharad Pawar) ने अपने संबोधन में कहा कि वैचारिक और राजनीतिक रूप से हमारी सोच अलग हो सकती है, लेकिन जब बात देश की प्रतिष्ठा और सम्मान की आती है, तो राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि राजनीतिक मतभेद कभी भी भारत की वैश्विक छवि की रक्षा करने के आड़े नहीं आने चाहिए। अपने भाषण के दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों— इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी नेताओं ने हमेशा देश के भविष्य, संप्रभुता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी और वर्तमान प्रधानमंत्री भी उसी गरिमा को विदेशों में बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान शरद पवार (Sharad Pawar) भावुक भी नजर आए और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1958 में महज 18 साल की उम्र में वे बारामती से पुणे उच्च शिक्षा के लिए आए थे, क्योंकि उस समय उनके गृह नगर में कोई कॉलेज नहीं था। यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई और वे पुणे शहर यूथ कांग्रेस व बाद में महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के प्रमुख बने। पवार ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में हुई अपनी पहली मुलाकात का एक दिलचस्प प्रसंग सुनाया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि वे नेहरू जी से पूछने के लिए किसानों और युवाओं से जुड़े कई सवाल तैयार करके गए थे, लेकिन उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व के सामने वे सब कुछ भूल गए।

इसके अलावा, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की दृढ़ता से जुड़ा एक ऐतिहासिक प्रसंग भी मंच से साझा किया। उन्होंने बताया कि सोवियत संघ की एक आधिकारिक यात्रा के दौरान जब इंदिरा गांधी को लगा कि भारतीय प्रधानमंत्री को प्रोटोकॉल के तहत पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा है, तो उन्होंने अपनी कड़ी नाराजगी जताई थी। इंदिरा गांधी ने स्पष्ट शब्दों में सोवियत अधिकारियों से कहा था, 'मैं 40 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करती हूं, यदि उनके सम्मान का आदर नहीं होगा तो मैं इसे कभी स्वीकार नहीं करूंगी।' कार्यक्रम के अंत में शरद पवार ने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के पुराने सहयोगियों के एक मंच पर आने का स्वागत किया और सभी से राष्ट्र निर्माण में मिलकर योगदान देने का आह्वान किया।

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