24 घण्टे ऑनलाइन

डिप्टी सीएम ने किया बटुकों का सम्मान, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कह दी ये बड़ी बात

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwarananda) ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों के सम्मान करने का स्वागत किया है, लेकिन साथ में ये भी कहा है कि प्रदेश के दोनों…

24GhanteOnline
February 19, 2026
3 min read
डिप्टी सीएम ने किया बटुकों का सम्मान, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कह दी ये बड़ी बात

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwarananda) ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों के सम्मान करने का स्वागत किया है, लेकिन साथ में ये भी कहा है कि प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम किसी पावर में हैं ही नहीं, क्योंकि गृह विभाग यानी कि पुलिस सीएम योगी के पास है। तो जब इनके हाथ में कुछ है नहीं तो ये कार्रवाई करने की स्थिति में नही हैं इसलिए दिल को बहलाने के लिए दोनों डिप्टी सीएम इस तरह के बयान दे रहे हैं।

बता दें कि 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती संगम स्नान के लिए जा रहे थे। उस दौरान उन्होंने आरोप लगाया गया कि पुलिस ने उनका रास्ते में रोक दिया।

इसके विरोध में उन्होंने स्नान नहीं किया। इस दौरान ये आरोप लगाए गए कि उनके साथ आए बटुक ब्राह्मणों की चोटी तक खींची गई। यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शिखा खींचना महापाप है और ऐसा करने वालों को पाप लगता है। उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद सियासत गरमा गई है।

सीएम योगी को हिूंदू समाज से बाहर करने का समर्थन करें


शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwarananda) ने हिूंदू समाज से आह्वान किया है कि यदि सीएम योगी ने दस मार्च तक गऊ को राज्य माता का दर्जा नही दिया और गऊ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नही लगाया तो 11 मार्च को ज्यादा से ज्यादा संख्या में वो लखनऊ पहुंचे और सीएम योगी को हिूंदू समाज से बाहर करने का समर्थन करें।

विद्या मठ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सीएम योगी को ये याद दिलाने के लिए वो कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं कि दस मार्च उनको निर्णय लेना है।

ममता आदित्यनाथ से बेहतर!


शंकराचार्य (Shankaracharya Avimukteshwarananda) ने कहा कि पशु गणना 2019 से 2024 की ये रिपोर्ट बताती है कि पश्चिम बंगाल में इस अवधि में गाय की संख्या 15% से ज्यादा बढ़ी है जबकि इसी अवधि में यूपी में चार प्रतिशत से ज्यादा गाएं कम हुई हैं। तो ये तो कहना ही पड़ेगा कि गऊ रक्षा पर पश्चिम बंगाल में यूपी से बेहतर काम हुआ है।

शंकराचार्य ने कहा कि बीजेपी के कई नेता गऊ रक्षा के मुद्दे पर पार्टी लाइन से हटकर उनका समर्थन कर रहे हैं। आने वाली सरकार गऊ रक्षकों के वोट से ही बनेगी।

संघ प्रमुख के हिंदुओं के तीन बच्चे होने चाहिए के बयान पर शंकराचार्य ने कहा कि संघ प्रमुख को चाहिए कि पहले वो अपने स्वयंसेवकों से विवाह करने के लिए कहें और फिर बच्चे पैदा करने के लिए कहें। बच्चे कितने होने चाहिए इसका निर्णय गृहस्थ पर छोड़ देना चाहिए।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें