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आखिरकार खुल गया शंभू बार्डर, 13 महीने बाद लोगों ने ली राहत की सांस

अंबाला। पंजाब-हरियाणा को जोड़ने वाला शंभू बॉर्डर (Shambhu Border) करीब 13 महीने बाद ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। दिल्ली-जालंधर नेशनल हाईवे पर हरियाणा के अंबाला से पंजाब के राजपुरा की और ट्रैफिक पूरी तरह से सुचारु…

24GhanteOnline
March 20, 2025
3 min read

अंबाला। पंजाब-हरियाणा को जोड़ने वाला शंभू बॉर्डर (Shambhu Border) करीब 13 महीने बाद ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। दिल्ली-जालंधर नेशनल हाईवे पर हरियाणा के अंबाला से पंजाब के राजपुरा की और ट्रैफिक पूरी तरह से सुचारु हुआ। अब ट्रैफिक डाइवर्ट रास्तों की बजाय नेशनल हाईवे से जा रहा है। पहले पंजाब के राजपुरा से शंभू आने और अंबाला से शंभू की ओर आने के बाद ट्रैफिक को गांवों के रास्ते डाइवर्ट करके भेजा जा रहा था। इसमें लोगों का काफी वक्त बर्बाद हो रहा था। ग्रामीण रास्ते होने की वजह से गाड़ियों को भी नुकसान हो रहा था।

उधर, पटियाला रेंज के डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा, खनौरी बॉर्डर पर एक बड़ा इलाका खाली करा लिया गया है और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसी चलने योग्य चीजों को बॉर्डर से 3 किलोमीटर दूर शिफ्ट किया जा रहा है। अगर कोई वहां से ट्रॉली ले जाना चाहता है तो वो पहचान प्रमाण पत्र दिखा सकता है। एंट्री के बाद ट्रॉली उसे सौंप दी जाएगी। कल किसानों ने हमारा सहयोग किया। हिरासत में लिए गए किसानों की देखभाल की जा रही है।

भगवंत मान ने किसानों को धोखा क्यों दिया?


किसानों को शंभू और खनौरी बॉर्डर (Shambhu Border) से हटाए जाने को लेकर सियासत भी तेज है। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, पंजाब के सीएम भगवंत मान से यही उम्मीद थी। उन्होंने किसानों को धोखा क्यों दिया? एक तरफ उन्होंने किसानों को मीटिंग के लिए बुलाया और फिर किसानों को हिरासत में ले लिया।

बाजवा ने कहा, भाजपा और AAP एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हरियाणा सरकार ने बॉर्डर (Shambhu Border) खाली कराना शुरू कर दिया है। वो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लुधियाना पश्चिम उपचुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा चुनाव जीतें ताकि अरविंद केजरीवाल राज्यसभा सदस्य बन सकें।

कब शुरू हुआ था आंदोलन


बता दें किअपनी मांगों को लेकर पंजाब के किसानों ने 13 फरवरी 2024 को दिल्ली कूच किया था। मगर, पुलिस ने खनौरी बॉर्डर पर रोक लिया था। तब से ही हजारों किसान बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने अस्थायी आशियाने बना रखे थे, जिनके अंदर रोजमर्रा की जरूरत की चीजें थीं।

बीते दिन किसानों और केंद्र सरकार के बीच 7वें दौर की बातचीत हुई थी। इसके बाद पंजाब पुलिस ने किसान नेताओं सहित सौ से ज्यादा किसानों को हिरासत में ले लिया। फिर रात में खनौरी बॉर्डर पर मौजूद किसानों को वहां से हटाया और अस्थाई आशियानों को भी बुलडोजर से हटा दिया गया।

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