EV की रफ्तार थमी, चार्जिंग की दिक्कतें बढ़ीं, इलेक्ट्रिक वाहनों को अब नई दिशा की जरूरत
पिछले करीब तीन सालों तक भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (Electric Scooters) की रजिस्ट्रेशन लगातार बढ़ती रही. हर महीने के आंकड़े जबरदस्त बिक्री ग्रोथ दिखाते थे और एक्सपर्ट्स भरोसे से कह रहे थे कि इस दशक के आखिर तक…
पिछले करीब तीन सालों तक भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (Electric Scooters) की रजिस्ट्रेशन लगातार बढ़ती रही. हर महीने के आंकड़े जबरदस्त बिक्री ग्रोथ दिखाते थे और एक्सपर्ट्स भरोसे से कह रहे थे कि इस दशक के आखिर तक शहरों की सड़कों पर EV स्कूटर ही छाए होंगे. लेकिन अब जो ताजा आंकड़े सामने आए हैं, वो बिल्कुल अलग कहानी बयां करते हैं. जिसे इंडस्ट्री के कई लोग अस्थायी सुस्ती मान रहे थे, वो अब एक साफ ट्रेंड बनता दिख रहा है. भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया (Electric Scooters) वाहनों की तेजी अब थम गई है और कुछ जगहों पर तो बिक्री उलटी दिशा में जाती दिख रही है.
अगर इसे पूरे दोपहिया बाजार के संदर्भ में देखें तो फर्क और साफ हो जाता है. भारत का कुल दोपहिया बाजार, जिसमें पेट्रोल से चलने वाली बाइक और स्कूटर का दबदबा है, नवंबर 2025 में 25.2 लाख यूनिट्स की बिक्री पर रहा. यह 2024 के ऊंचे बेस के मुकाबले सिर्फ 3.94% की हल्की गिरावट है. इसे मौसमी गिरावट कहा जा सकता है, लेकिन एक बात साफ है फॉसिल फ्यूल पर चलने वाला ICE सेगमेंट वह दिखा रहा है, जो EV सेगमेंट नहीं दिखा पा रहा स्थिरता.
हीरो मोटोकॉर्प की पोजिशन बरकरार
हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी नंबर-1 पोजिशन बरकरार रखी, उसके बाद होंडा और टीवीएस रहे. इससे यह संकेत मिलता है कि फेस्टिव सीजन खत्म होने के बाद भी पेट्रोल दोपहिया वाहनों की मांग स्थिर बनी हुई है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जहां EVs से उम्मीद थी कि वे अब तक ICE को चुनौती दे चुके होंगे, वहीं असल में ICE बाजार ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद नजर आ रहा है.
इसके उलट, नवंबर में भारत में सिर्फ 1.17 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिके. यह साल-दर-साल आधार पर 2.3% की गिरावट है. जो सेगमेंट कभी देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाला माना जाता था, उसके लिए यह बड़ा झटका है.
कई कंपनियों के लिए रास्ता हुआ मुश्किल
आज भारत में करीब 173 इलेक्ट्रिक दोपहिया (Electric Scooters) वाहन निर्माता हैं. ये संख्या FAME सब्सिडी के बाद के जोश, आसान वेंचर फंडिंग और इस भरोसे का नतीजा है कि EV की लहर सबको फायदा पहुंचाएगी. लेकिन पिछले महीने इनमें से 46 से ज्यादा कंपनियों की बिक्री शून्य रही, जबकि करीब 100 कंपनियां 10 यूनिट से भी कम वाहन बेच पाईं.
Jato Dynamics के प्रेसिडेंट रवि भाटिया के मुताबिक,कई स्टार्टअप्स ने सब्सिडी और शुरुआती हाइप के भरोसे बहुत जल्दी विस्तार कर लिया. लेकिन जब भरोसा, सर्विस नेटवर्क और वर्किंग कैपिटल नहीं होता, तो आम ग्राहक ऐसी कंपनियों से दूरी बना लेता है.
बड़ी कंपनियों में भी समीकरण बदल रहे हैं. पहले ओला इलेक्ट्रिक सबसे आगे थी, उसके बाद टीवीएस, बजाज, एथर और हीरो मोटोकॉर्प आते थे. लेकिन 2025 में तस्वीर पलट गई. अब टीवीएस नंबर-1 है, उसके बाद बजाज और तीसरे नंबर पर ओला आ गई है. एथर और हीरो टॉप-5 में बने हुए हैं.
एथर एनर्जी के CBO रवनीत सिंह फोकेला ने कहा
रिज़्टा फैमिली स्कूटर की बढ़ती बिक्री और हमारे डीलर नेटवर्क के तेजी से विस्तार की वजह से हमारी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ी है. आने वाले साल में प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस, नए EL प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट लॉन्च और छत्रपति संभाजीनगर में नए प्लांट से मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की योजना है. टीवीएस मोटर ने अपनी हालिया अर्निंग कॉल में कहा कि पिछले तीन सालों में ग्राहकों को EV की कुल लागत (TCO) समझ में आने लगी है. पहले EVs सिर्फ शहरों तक सीमित थे, लेकिन अब धीरे-धीरे ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच बना रहे हैं.
ओला को लगा सबसे बड़ा झटका
ओला इलेक्ट्रिक की गिरावट सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रही है. कभी भारत की EV क्रांति का चेहरा मानी जाने वाली कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी 42.5% से गिरकर 18.3% रह गई. लगातार सर्विस से जुड़ी शिकायतें, क्वालिटी के मुद्दे, बैटरी से जुड़ी घटनाएं और सोशल मीडिया पर वायरल ग्राहक अनुभवों ने कंपनी की साख को नुकसान पहुंचाया है. वहीं, कई छोटी कंपनियां जो सरकारी प्रोत्साहनों के सहारे आगे बढ़ी थीं, अब नियमों की सख्ती, सप्लाई की दिक्कत और पैसों की कमी से जूझ रही हैं. कुछ ने प्रोडक्शन रोक दिया है, तो कुछ चुपचाप बाजार से बाहर हो गई हैं. पहली बार वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह अस्थिरता खरीद में हिचक पैदा करती है.
GST बदलाव बना बड़ा कारण
सुस्ती के पीछे सबसे अहम वजह वही बनती दिख रही है, जिससे EVs को फायदा मिलने की उम्मीद थी. सितंबर 2025 में हुआ GST बदलाव. जहां EVs पर GST 5% ही रहा, वहीं पेट्रोल दोपहिया वाहनों पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया. एक EV कंपनी के सीनियर अधिकारी के मुताबिक, इस फैसले से पेट्रोल स्कूटर शोरूम में ही सस्ते हो गए. दूसरी तरफ EV कंपनियों को बैटरी, सेमीकंडक्टर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स पर ज्यादा टैक्स देना पड़ता है. नतीजा यह हुआ कि दोनों के बीच शुरुआती कीमत का फर्क 2025 हजार रुपये तक बढ़ गया. इस सेगमेंट के खरीदार EMI पर ज्यादा ध्यान देते हैं. अचानक पेट्रोल विकल्प फिर से ज्यादा आकर्षक लगने लगा.
चार्जिंग और भरोसे की समस्या अब भी कायम
असल दिक्कतें इससे भी गहरी हैं. शहरों और कस्बों में बाइक से स्कूटर की ओर शिफ्ट EVs को फायदा पहुंचा सकती थी, लेकिन आम ग्राहक के सामने भरोसेमंद विकल्प कम हैं. रीसेल वैल्यू को लेकर असमंजस, फाइनेंसिंग की दिक्कतें और अपार्टमेंट या किराए के घरों में चार्जिंग की चिंता अब भी बनी हुई है.
बैटरी टेक्नोलॉजी भी रुकावट बनी हुई है. बैटरी स्वैपिंग और बैटरी-एज़-ए-सर्विस पर सालों से चर्चा हो रही है, लेकिन ज्यादातर EV दोपहिया वाहनों में अब भी फिक्स्ड बैटरी ही है. भरोसेमंद चार्जिंग सुविधा के बिना EVs शहरों तक सीमित और आम लोगों के लिए मुश्किल विकल्प बने हुए हैं.
रवि भाटिया के शब्दों में, भारत में EV की सुस्ती टेक्नोलॉजी की वजह से नहीं है. GST बदलाव के बाद कीमत का गणित बिगड़ गया है, कंपनियों में अस्थिरता है और फाइनेंस व रीसेल पर भरोसा नहीं बन पाया है. जब तक इन तीनों समस्याओं को एक साथ हल नहीं किया जाता, तब तक EVs की हिस्सेदारी बढ़ने के बजाय बार-बार ऊपर-नीचे होती रहेगी.
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
WhatsApp-Telegram चलाने का तरीका बदलेगा! फोन में रखना होगा रजिस्टर्ड SIM
अगर आप WhatsApp या Telegram का इस्तेमाल करते समय फोन से SIM कार्ड निकाल देते हैं, या अपने अकाउंट को दूसरे फोन और लैपटॉप पर चलाते हैं, तो आने वाले समय में आपको कुछ बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने…
ट्रंप की एक और नाम बदलने की मांग, सुंदर पिचाई बोले- नो, नो, नो!
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने गूगल के सीईओ (Google CEO) सुंदर पिचाई से अटलांटिक महासागर का नाम बदलने के बारे में बात की थी। ट्रंप की…
अंतरिक्ष में ISRO ने रचा नया अध्याय, EOS-05 की सफल लॉन्चिंग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने EOS-05 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। GSLV-F17 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा से उड़ान भरकर EOS-05 को उसकी निर्धारित Sub-GTO…
WhatsApp Plus पर अब एक साथ 20 चैट कर सकेंगे पिन, बस करना होगा ये काम
अगर आप रोजाना कई जरूरी लोगों और ग्रुप्स से WhatsApp पर बातचीत करते हैं, तो अब बार-बार चैट खोजने की परेशानी कम हो सकती है। WhatsApp Plus सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को अब एक साथ 20 चैट पिन करने की सुविधा मिल रही है।…
