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रॉबर्ट वाड्रा को बड़ी राहत, इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी जमानत

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बेल बॉन्ड और इतनी ही राशि की श्योरिटी…

24GhanteOnline
May 16, 2026
3 min read

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बेल बॉन्ड और इतनी ही राशि की श्योरिटी (जमानतदार) पर नियमित जमानत दे दी है। यह मामला गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम (जमीन सौदे) से जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों से संबंधित है। कोर्ट में पेशी के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उनके पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) सरकार के इशारों पर काम कर रहा है और वे इस राजनीतिक द्वेष को झेल रहे हैं।

गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम मामले में ईडी द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने वाड्रा (Robert Vadra) को समन जारी किया था, जिसके तहत वे अदालत में पेश हुए। सुनवाई के दौरान वाड्रा के वकील ने दलील दी कि चूंकि इस मामले में उनकी कभी गिरफ्तारी ही नहीं हुई थी, इसलिए तकनीकी रूप से जमानत का कोई सवाल नहीं बनता और उन्हें सीधे रिहा (रिलीज) कर दिया जाना चाहिए। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कोर्ट ने बेल बॉन्ड जमा करवाकर उन्हें जमानत दे दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को तय की गई है।

दूसरी ओर, ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) को गिरफ्तार किए बिना ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान ईडी के वकील जोहेब हुसैन ऑनलाइन माध्यम से पेश हुए और अदालत को सूचित किया कि एजेंसी एक स्टेटस रिपोर्ट फाइल कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आगे की जांच को पूरा करने और एक और स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए अदालत से 2 हफ्ते का समय मांगा। ईडी के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपियों ने कोर्ट द्वारा चार्जशीट पर संज्ञान लेने (कॉग्निजेंस) के आदेश को भी उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।

यह पूरा विवाद सितंबर 2018 में दर्ज हुई एक प्राथमिकी (FIR) से जुड़ा है, जिसमें गुरुग्राम के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ जमीन के सौदे में भारी अनियमितता बरतने के आरोप हैं। ईडी के दावों के अनुसार, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज से यह जमीन महज 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी और कुछ समय बाद इसे डीएलएफ (DLF) कंपनी को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसी को अंदेशा है कि इस सौदे से कमाया गया भारी मुनाफा मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा था, जिसकी वे गहनता से जांच कर रहे हैं। इस संबंध में ईडी ने जुलाई 2025 में एक अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर की थी, जिसमें वाड्रा के अलावा कई अन्य रसूखदार व्यक्तियों और संस्थाओं को नामजद किया गया है।

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