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धरती का सत्कार, प्लास्टिक का तिरस्कार : ऋतु सुहास

लखनऊ। नगरीय क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक (Plastic) पर्यावरण, स्वास्थ्य, और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। प्रतिबंधित प्लास्टिक को खुले में फेंकने से कचरा प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित होती है।…

24GhanteOnline
January 3, 2025
4 min read

लखनऊ। नगरीय क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक (Plastic) पर्यावरण, स्वास्थ्य, और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। प्रतिबंधित प्लास्टिक को खुले में फेंकने से कचरा प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित होती है। प्लास्टिक कचरे से नालियां जाम हो जाती हैं, जिससे जलभराव और गंदगी बढ़ती है। जिससे नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होता है और पर्यावरण भी दूषित होता है। अपर निदेशक ऋतु सुहास (Ritu Suhas) ने कहा कि 'धरती का सत्कार, प्लास्टिक का तिरस्कार' की भावना को साकार करने और प्लास्टिक से पर्यावरण को होने वाले दुष्प्रेभावों से मुक्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन द्वारा दिनांक 23 दिसम्बर 2024 से 31 दिसम्बर 2023 के मध्य सात दिवसीय 'आरभ 5.0 अभियान' चलाकर कुल 13517.421 किलोग्राम पॉलीथीन ज़ब्त की गई, वहीं कुल 3196275.2 रूपये का जुर्माना वसूला गया है।

प्रदेश की नगरीय निकायों को एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्त (Plastic Free) कराने के लिए कार्यवाही निरंतर की जारी है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पर अधिरोपित प्रतिबन्ध का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रदेश की सभी निकायों में दिनांक 23 दिसम्बर 2024 से 31 जनवरी, 2025 के मध्य 'आरंभ 5.0' व दिनांक 25 दिसम्बर, 2024 से 01 जनवरी, 2025 के मध्य 'प्लास्टिक उन्मूलन महाभियान' प्यूमा 3.0 चलाया गया।

जिसके तहत प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में एकल उपयोग प्लास्टिक रोकथाम करने एवं एकल उपयोग प्लास्टिक उपयोगकर्ताओं के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए सात दिवसीय 'प्लास्टिक उन्मूलन महाअभियान' (Plastic elimination campaign) अंतर्गत 13517.421 किलोग्राम पॉलीथीन जब्त की गयी, वहीं 3196275.2 रूपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही आई.ई.सी. गतिविधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर अभियान को और भी वृहद रूप दिया गया।

ज्ञात हो, कि अभियान के अतिरिक्त भी प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में एक उपयोग प्लास्टिक के उपयोग व बिक्री विरुद्ध कार्यवाही निरंतर की जाती है। जिसके अंतर्गत विगत माह दिसम्बर 2024 में पॉलिथीन के इस्तेमाल को रोकने की दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए 1 दिसम्बर 2024 से 31 दिसंबर 2024 के मध्य कुल 36137.795 किलो पॉलिथीन ज़ब्त की गयी और 5340243 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं विगत तीन माह (अक्टूबर 2024 से दिसम्बर 2024) में 85,517.432 किलो प्लास्टिक जब्त की गयी, वहीं 85,71,507 रुपये जुर्माना वसूला गया।

आई.ई.सी. गतिविधियों के माध्यम से किया जागरूक


प्रदेश की निकायों में जब्तीकरण व जुर्माना वसूलने की कार्यवाही के साथ ही विभिन्न आई.ई.सी. गतिविधियों के माध्यम से जनमानस और दुकानदारों को भी एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग व बिक्री न करने के लिए जागरूक भी किया गया। जिसमें किराने की दुकान/पार्क/ रेस्तरां व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक प्लास्टिक बैग व प्लास्टिक से बने अन्य उत्पादों के बहिष्कार करते हुए स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ प्लास्टिक के बैग के वैकल्पिक जूट एवं कपडें के बैग को नागरिकों को उपलब्ध कराये गए।

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सीएसआर / एनजीओ/ सीएसओ / आरडब्ल्यूए के सहयोग से थैला बैंक व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट (मैं हूं पर्यावरण का रक्षक) (प्लास्टिक बैग का उपयोग न करें) स्थापित किये गए। स्वच्छ सारथी क्लब (स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय) के माध्यम से शैक्षिक संस्थानों में जागरुकता अभियान चलाया गया। धार्मिक स्थलों के आस-पास के क्षेत्रों को प्लास्टिक निषेध क्षेत्र बनाया जाए तथा वहां आसपास के दुकानदार, रेड़ी पट्टी विक्रेता एवं ठेले वालों को प्लास्टिक इस्तेमाल न किये जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा रोकथाम, जुर्माना एवं सीजिंग का कार्य भी किया गया।

प्रदेश की नगर निगमों में रैली, वॉकथॉन, साइक्लथॉन, प्लॉगरन और अन्य सामूहिक गतिविधियां करायी गयीं। अभियान के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थलो पर कपड़े एवं जूट के झोले का वितरण भी कराया गया। नो प्लास्टिक जोन बनाये गए। विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक रिसाइकिल बोतल मशीन की स्थापित किये गए। साथ ही हस्ताक्षरकर्ता को प्लास्टिक बैग का उपयोग न करने और पर्यावरण की रक्षा के प्रति शपथ लेने के लिए प्रोत्साहित करके हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।

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