24 घण्टे ऑनलाइन

ग्रह दोष से हैं पीड़ित, तो आज ही करें ये खास उपाय

ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि अगर कुंडली में ग्रहों की स्थिति सही हो, तो व्यक्ति को जीवन में सफलता मिलती है। ऐसे में ग्रह दोष से छुटकारा पाने के लिए अगर आप रोजाना नवग्रह…

24GhanteOnline
April 26, 2026
2 min read

ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि अगर कुंडली में ग्रहों की स्थिति सही हो, तो व्यक्ति को जीवन में सफलता मिलती है। ऐसे में ग्रह दोष से छुटकारा पाने के लिए अगर आप रोजाना नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotra) का पाठ करते हैं, तो आपको ग्रहों की पीड़ा से राहत मिल सकती है। लगातार 40 दिनों तक प्रतिदिन 108 बार नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotra)  का पाठ करने से बहुत लाभ मिलता है।

नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotra)


जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।

तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ॥

दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम् ।

नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम् ॥

धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम् ।

कुमारं शक्तिहस्तं तं मङ्गलं प्रणमाम्यहम् ॥

प्रियङ्गुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम् ।

सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम् ॥

देवानांच ऋषिणांच गुरुंकांचन सन्निभं ।

बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिं ॥

हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् ।

सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम् ॥

नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम् ।

छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम् ॥

अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम् ।

सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम् ॥

पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम् ।

रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम् ॥

फलश्रुति

इति व्यासमुखोद्गीतं यः पठेत्सुसमाहितः ।

दिवा वा यदि वा रात्रौ विघ्नशान्तिर्भविष्यति ॥

नरनारीनृपाणां च भवेद्दुःस्वप्ननाशनम् ।

ऐश्वर्यमतुलं तेषामारोग्यं पुष्टिवर्धनम् ॥

ग्रहनक्षत्रजाः पीडास्तस्कराग्निसमुद्भवाः ।

ताः सर्वाः प्रशमं यान्ति व्यासो ब्रूते न संशयः ॥

नवग्रह मंत्र


ऊँ ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।

गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।।

नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotra)  पाठ के लाभ


नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotra) का पाठ करने से कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत हो जाती है। साथ ही ग्रहों के कारण आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित लोगों को इस स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे आपको नकारात्मक प्रभावों से राहत मिलेगी।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

करवा चौथ पर इन दिशाओं में करें पूजा, खुशियों से महक उठेगा दांपत्य जीवन

Karwa Chauth Vastu Rules: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार,…

कब है शरद पूर्णिमा? जानें खीर रखने का महत्व

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को विशेष फलदायी तिथि माना जाता है। साल 2026 में यह पर्व रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कोजागरी पूर्णिमा के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।…

मनी प्लांट इस जगह रखने से हो सकती है धन की हानि

हर पौधे के लिए एक दिशा निर्धारित है। घर में मनी प्लांट (Money Plant) लगाने से धन और सुख-समृद्धि बढ़ती है, लेकिन गलत दिशा में रखे मनी प्लांट की वजह से आपको पैसों का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। >> मनी प्लांट (Money…