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सूर्य किरणों से रामलला का हुआ तिलक, वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर का परिसर हुआ भक्तिमय

अयोध्या। रामनगरी में रामजन्मोत्सव पर आस्था का सैलाब बह रहा है। राम मंदिर में प्राकट्य आरती हुई। अयोध्या के राम मंदिर में आज राम लला (Ramlala) का अभिषेक सूर्य किरणों से हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर का परिसर भक्तिमय हो…

24GhanteOnline
April 6, 2025
2 min read

अयोध्या। रामनगरी में रामजन्मोत्सव पर आस्था का सैलाब बह रहा है। राम मंदिर में प्राकट्य आरती हुई। अयोध्या के राम मंदिर में आज राम लला (Ramlala) का अभिषेक सूर्य किरणों से हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर का परिसर भक्तिमय हो गया। इस दौरान भक्तों ने भगवान राम और माता सीता के जयकारे लगाए।

मुख्य पर्व पर इस सूर्याभिषेक का सजीव प्रसारण दूरदर्शन व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किया गया जिसके द्वारा पूरी दुनिया में इसे देखा जा सका।


#WATCH | Surya Tilak on Ram Lalla’s forehead at the Ram Janmabhoomi Temple on the occasion of #RamNavami pic.twitter.com/jmtmldlWxM


— DD News (@DDNewslive) April 6, 2025

परम पिता के अवतरण के साक्षी बनने और उनकी झलक पाने को आतुर श्रद्धालु अयोध्या में हैं। उधर राम मंदिर से लेकर वैष्णव परम्परा के सभी मंदिरों में प्राकट्‌योत्सव का उल्लास है। राम नवमी के पर्व पर मध्याह्न ठीक 12 बजे घंटा-घड़ियाल व नगाड़े की थापों के मध्य रामलला (Ramlala) का प्राकट्य हुआ। रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। पूरी भव्यता से राम मंदिर सजा है। दर्शनार्थियों के लिए रेड कारपेट बिछाई गई है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भजन-कीर्तन हो रहे हैं।

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इस अलौकिक क्षण में भगवान (Ramlala) के प्राकट्य की आरती हुई। राम मंदिर में महाआरती के साथ-साथ सूर्य किरणों से भगवान का अभिषेक किया। राम मंदिर में सूर्य तिलक की तैयारियों के लिए इसरो व सीबीआरआई के वैज्ञानिकों की टीम ने यहां डेरा डाल रखा था। मुख्य पर्व पर इस सूर्याभिषेक का सजीव प्रसारण दूरदर्शन व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किया गया जिसके द्वाया पूरी दुनिया में इसे देखा जा सका।

इस तरह हुआ सूर्य तिलक


मंदिर के ऊपरी हिस्से पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें गिरीं। यहां से परावर्तित होकर पीतल के पाइप में पहुंचीं। पाइप में लगे दर्पण से टकराकर किरणें 90 डिग्री कोण में बदल गई। लंबवत पीतल के पाइप में लगे तीन लेंसों से किरणें आगे बढ़ते हुए गर्भगृह में लगे दर्पण से टकराईं। यहां से 90 डिग्री का कोण बनाकर 75 मिलीमीटर टीके के रूप में रामलला के ललाट को सुशोभित किया।

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