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सुल्तानपुर के रामचेत मोची का निधन, राहुल गांधी ने परिजनों को किया फोन

सुल्तानपुर। जिले में मंगलवार को रामचेत मोची (Ramchet Mochi) का कैंसर और टीबी की गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया। ये वही रामचेत मोची हैं, जिन्हें पिछली वर्ष कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अपना मित्र मानते हुए,…

24GhanteOnline
November 11, 2025
3 min read

सुल्तानपुर। जिले में मंगलवार को रामचेत मोची (Ramchet Mochi) का कैंसर और टीबी की गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया। ये वही रामचेत मोची हैं, जिन्हें पिछली वर्ष कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अपना मित्र मानते हुए, उनकी माली हालत देखते हुए न सिर्फ उनकी मदद की थी, बल्कि गंभीर बीमारी की जानकारी होते ही उनका इलाज भी करवाया था। वहीं रामचेत मोची की मौत की जानकारी लगते ही राहुल गांधी ने सुबह उनके परिजनों से मोबाइल पर बात कर शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही अमेठी और सुल्तानपुर से कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को भेजकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

कूरेभार थाना क्षेत्र के ढेसरुआ गांव के रहने वाले रामचेत मोची (Ramchet Mochi) ने विधायक नगर चौराहे पर जूते-चप्पल सिलने की गुमटी रखी हुई थी। इसी गुमटी के सहारे किसी तरह वह अपना और परिवार का जीवन-यापन कर रहे थे। पिछले वर्ष कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी कोर्ट में विचाराधीन एक मामले में सुल्तानपुर आए हुए थे। कोर्ट में सुनवाई के बाद लौटते समय अचानक उनका काफिला रामचेत मोची की दुकान पर रुका तो सब चौंक गए।

राहुल गांधी ने रामचेत मोची (Ramchet Mochi) से की थी मुलाकात


राहुल गांधी ने इस दौरान रामचेत मोची (Ramchet Mochi) का हाल-चाल लिया। उनके कामकाज के बारे में बातचीत की। साथ ही उनसे जूता-चप्पल सिलने का गुण भी सीखा। वहां से लौटकर राहुल गांधी ने रामचेत मोची के लिए जूता-चप्पल सिलाई की मशीन के साथ-साथ उन्हें बिजनेस बढ़ाने के लिए काफी मात्रा में रॉ मैटेरियल भी भिजवाया था। राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात करवाने लिए रामचेत मोची को दिल्ली बुलाया। साथ ही उन्हें दिल्ली की सैर भी करवाई। मुलाकात के दौरान रामचेत मोची ने अपने हाथों से बने जूते-चप्पल भी राहुल, सोनिया और प्रियंका को भेंट किया।

कैंसर और टीबी की बीमारी से पीड़ित थे रामचेत मोची (Ramchet Mochi) 


राहुल गांधी की मदद के बाद रामचेत मोची (Ramchet Mochi) का व्यापार चल निकला, लेकिन पिछले कुछ दिनों ने उनकी तबीयत काफी खराब चल रही थी। जांच हुई तो पता चला कि वह कैंसर और टीबी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। परिवार वालों ने राहुल गांधी तक ये बात पहुंचाई तो एक बार फिर राहुल ने मदद को हाथ बढ़ाया और प्रयागराज के कैंसर हॉस्पिटल से उनका इलाज करवाना शुरू किया, लेकिन मंगलवार सुबह रामचेत मोची ने दम तोड़ दिया।

इस बात की जानकारी राहुल गांधी को मिली तो उन्होंने तत्काल रामचेत के बेटे राघवराम से बात की और शोक जताया। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

वहीं राहुल गांधी के निर्देश पर अमेठी केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय प्रभारी बृजेश तिवारी, सुल्तानपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष्य अभिषेक सिंह राणा समेत दर्जनों कार्यकर्ता रामचेत मोची के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही राहुल गांधी की तरफ से भेजी गई आर्थिक मदद भी सौंपी। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने दुख की इस घड़ी और आगे भी हमेशा साथ रहने का भरोसा भी दिलाया।

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