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पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, जानिए क्या जाएगी राज्यसभा सदस्यता

चंडीगढ़: पंजाब में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) का नाम नहीं है। उनका नाम ASDD (Absent, Shifted, Deceased and Duplicate) सूची में…

24GhanteOnline
September 3, 2026
3 min read
पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, जानिए क्या जाएगी राज्यसभा सदस्यता

चंडीगढ़: पंजाब में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) का नाम नहीं है। उनका नाम ASDD (Absent, Shifted, Deceased and Duplicate) सूची में रखा गया है और कारण ‘Shifted’ बताया गया है। चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।

राघव चड्ढा का कहना है कि उनका वोटर आईडी मोहाली में दर्ज है और वह पंजाब से ही राज्यसभा सांसद हैं। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अप्रैल 2026 में चड्ढा आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उनके साथ AAP के छह अन्य राज्यसभा सांसद भी भाजपा में गए थे।

चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP छोड़ने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, AAP ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि SIR चुनाव आयोग की प्रक्रिया है और इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है। पार्टी ने इसके साथ दिल्ली में चड्ढा का नाम कथित तौर पर बैकडेट में वोटर लिस्ट में शामिल कराने की कोशिश का भी आरोप लगाया है।

ड्राफ्ट लिस्ट में 20.66 लाख नाम हटे

पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में SIR के दौरान करीब 20.66 लाख नाम हटाए गए हैं। यह SIR से पहले के कुल मतदाताओं का लगभग 9.7 प्रतिशत है। हालांकि, यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है। राघव चड्ढा के पास दावा और आपत्ति दाखिल कर अपना नाम दोबारा जुड़वाने का विकल्प मौजूद है।

पंजाब में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 सितंबर 2026 है, जबकि अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर में जारी की जानी है।

क्या वोटर लिस्ट से नाम हटने पर राज्यसभा सीट जाएगी?

सिर्फ पंजाब की मतदाता सूची से नाम हटने के आधार पर राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता खत्म नहीं होती। राज्यसभा सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य की ही वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी नहीं है। 2003 में कानून में बदलाव के बाद राज्यसभा उम्मीदवार का भारत के किसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना पर्याप्त है।

इसलिए यदि चड्ढा का नाम दिल्ली या भारत के किसी अन्य संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में वैध रूप से दर्ज है, तो केवल पंजाब की सूची से नाम हटने के आधार पर उनकी राज्यसभा सदस्यता समाप्त नहीं होगी।

किन परिस्थितियों में जा सकती है सदस्यता?

संविधान के अनुच्छेद 102 में सांसद की अयोग्यता के प्रमुख आधार तय हैं। इनमें लाभ का पद, सक्षम अदालत द्वारा मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित किया जाना, दिवालिया होना, विदेशी नागरिकता लेना या संसद के कानून के तहत अयोग्य होना शामिल है। इसके अलावा दल-बदल कानून के तहत भी सदस्यता जा सकती है।

अगर अनुच्छेद 102 के तहत अयोग्यता का सवाल उठता है तो संविधान के अनुच्छेद 103 के अनुसार इस पर राष्ट्रपति फैसला करते हैं और उससे पहले चुनाव आयोग की राय ली जाती है। वहीं दल-बदल से जुड़े मामलों में राज्यसभा के सभापति की भूमिका होती है।

फिलहाल राघव चड्ढा के मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटना और राज्यसभा सदस्यता खत्म होना दो अलग-अलग कानूनी मुद्दे हैं।

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