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चंद्र ग्रहण के बाद करें घर और मंदिर को शुद्ध, जान लें विधि

चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) लगना सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ घटना मानी गई है। इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन के दिन 03 मार्च को चंद्र ग्रहण लगेगा। ये साल का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा।…

24GhanteOnline
February 28, 2026
2 min read

चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) लगना सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ घटना मानी गई है। इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन के दिन 03 मार्च को चंद्र ग्रहण लगेगा। ये साल का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। इसकी अवधि 03 घंटे 27 मिनट तक रहेगी। ये चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। ये चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा। ऐसे में इसका सूतक भी मान्य होगा।

सूर्य या चंद्र ग्रहण के समय सूतक काल का महत्व काफी बढ़ जाता है। सूतक काल के समय से ही ग्रहण के दौरान खानपान और पूजा-पाठ बंद कर दिया जाता है। सूर्य ग्रहण का सूतक 12 तो चंद्र ग्रहण का सूतक काल 09 घंटे पहले लग जाता है। चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण लगने पर बाहर के मंदिर और घर के मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं। घर में कोई भी पूजा पाठ नहीं किया जाता है। ग्रहण के बाद मंदिर और घर का शुद्धिकरण किया जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद किस विधि से घर, घर के मंदिर को शुद्ध करें? आइए विस्तार से जानते हैं।

मंदिर के शुद्धिकरण की विधि


ग्रहण खत्म होने के बाद घर को साफ करें। फिर घर के सभी लोग स्नान करें। गंगाजल छिड़कें। मंदिर की सफाई करें और साफ पानी का पोछा लगाएं। सभी प्रतिमाओं पर से वस्त्र हटा दें। प्रतिमाओं को साफ करें। प्रतिमाओं पर गंगाजल छिड़कर शुद्ध करें। स्नान कराएं और फिर से इनकी स्थापना करें। भगवान को ताजे फूल, वस्त्र और भोग अर्पित कर पूजा-पाठ करें। भगवान की आरती करें। इस तरह से मंदिर शुद्ध हो जाएगा।


घर के शुद्धिकरण की विधि


चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) के बाद पूरे घर का शुद्धिकरण अवश्य कर लें। सबसे पहले पूरे घर को चुटकी भर नमक मिलाकर पानी से धोएं और फिर गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद गौमूत्र का छिड़काव करें। हवन या धूप-दीप जलाकर पूरे वातावरण को शुद्ध करें।

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