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प्रेमानंद महाराज ने अपने शिष्यों संग मनाई दिवाली, आतिशबाजी देख हुए खुश

सोमवार को देशभर के लोगों ने धूमधाम से दिवाली मनाई। इसी बीच वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह दिवाली मनाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने राधा रानी के साथ…

24GhanteOnline
October 21, 2025
2 min read

सोमवार को देशभर के लोगों ने धूमधाम से दिवाली मनाई। इसी बीच वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह दिवाली मनाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने राधा रानी के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान वह अपने शिष्यों और अनुयायियों के साथ काफी खुश नजर आ रहे हैं। उन्होंने फुलझड़ी जलाई और आतिशबाजी का लुत्फ भी उठाया।

प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) का जो वीडियो सामने आया है। उसमें वह कभी जलते हुए पटाखों को देखते हैं तो कभी आसमान में हो रही आतिशबाजी को देखते हैं। वह वीडियो में काफी खुश और एंजॉय करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है। इस पर कई लोग कमेंट कर प्रेमानंद महाराज को दिवाली विश कर रहे हैं। इसके साथ ही उनके जल्द ही एकदम स्वस्थ होने की दुआ भी कर रहे हैं। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा कि महाराज जी खुश तो सब खुश।


 











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‘हमारी दीपावली भूखी होती थी’


इसी बीच उनका एक पुराना वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें वह दिवाली के बारे में बातते नजर आ रहे हैं। वीडियो में महाराज कहते हैं, “हमारी दीपावली भूखी होती थी। रोटी मांगने जाते तो मना हो जाता कि आज दीपावली है। आज रोटी नहीं बनेगी। दिन में एक टाइम मंदिर जाना होता था। शाम में सभी के घर दीपावली मनाई जा रही है। हम अंधेरे में बैठे रहते थे। न हमारा पास पैसे होते थे, न खाने को होता था तो हमारी आंसूओं से दीपावली होती थी। ”

हफ्ते में पांच दिन डायलिसिस


प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) का स्वास्थ्य काफी दिनों से ठीक नहीं था। बताया गया कि उन्हें हफ्ते में पांच दिन डायलिसिस करानी पड़ती है। कुछ समय के लिए उनकी रात्री पदयात्रा को भी रोक दिया गया था, जिसे अब हाल ही में फिर से शुरू किया गया है। सेहत का ध्यान रखते हुए अब वह अपने आवास से श्री राधा रति केलि कुंज आश्रम तक पैदल जाते हैं, लेकिन वापसी के लिए डिफेंडर गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। पहले वह आने-जाने दोनों यात्राएं पैदल ही किया करते थे। हालांकि, अब धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।

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