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‘व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद’ से टूटी झिझक, बढ़ा आत्मविश्वास – मासिक धर्म स्वच्छता पर नई चेतना का संचार

लखनऊ। मिशन शक्ति 5.0 (Mission Shakti) के तहत योगी सरकार ने बालिकाओं के स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के अंतर्गत उत्तर…

24GhanteOnline
October 10, 2025
3 min read

लखनऊ। मिशन शक्ति 5.0 (Mission Shakti) के तहत योगी सरकार ने बालिकाओं के स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी महिला व बाल देखरेख संस्थानों में ‘व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद’ कार्यक्रम ने बालिकाओं में मासिक धर्म स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति नई चेतना जगाई। योगी सरकार के इस पहल ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़कर बालिकाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान की सीख भी दी।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने बालिकाओं से खुलकर संवाद किया। सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, उनके उचित निस्तारण और मासिक धर्म से जुड़े मिथकों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चर्चा हुई। बालिकाओं ने बेझिझक अपने सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और स्पष्ट जवाब दिया। यह संवाद न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि बालिकाओं को यह सिखाने में सफल रहा कि स्वच्छता उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नींव है।

महिलाओं के प्रति समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है योगी सरकार


इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश सरकार मासिक धर्म को सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में स्थापित कर समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है। स्वच्छता की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं जैसे संक्रमण और प्रजनन संबंधी जटिलताएं बालिकाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं। मिशन शक्ति (Mission Shakti) के इस प्रयास ने न केवल जागरूकता फैलाई, बल्कि बालिकाओं को यह विश्वास दिलाया कि वे अपने स्वास्थ्य और सम्मान के लिए स्वयं निर्णय ले सकती हैं। योगी सरकार का यह अभियान नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। व्यक्तिगत स्वच्छता पर केंद्रित यह संवाद बालिकाओं के सुनहरे भविष्य की नींव रख रहा है, जहां स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और स्वाभिमान उनके जीवन का आधार बनेंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता पर जागरूकता बालिकाओं के संपूर्ण विकास का अभिन्न हिस्सा है। मासिक धर्म स्वच्छता पर खुलकर संवाद समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाएगा। मिशन शक्ति 5.0 (Mission Shakti) के तहत योगी सरकार बालिकाओं को न केवल शिक्षित और आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सम्मान को प्राथमिकता दे रही है।

बता दें कि प्रदेश में संचालित 131 बाल देखरेख संस्थानों, 8 महिला शरणालयों, एक संरक्षण गृह और मानसिक मंदित महिलाओं के लिए प्रकोष्ठ के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में फंसी बालिकाओं और महिलाओं को आश्रय, कौशल विकास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य हो रहा है। यहां रह रही महिलाएं औऱ बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया। मिशन शक्ति 5.0 के पांचवें चरण में 22 सितंबर से 10 अक्टूबर तक 14.64 लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं।

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