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ऐतिहासिक जामा मस्जिद में नमाज के दौरान गिरा गुंबद का हिस्सा, मची अफरा-तफरी

मथुरा। कान्हा की नगरी मथुरा के चौक बाजार इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद (Jama Masjid) में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शाम करीब 7:00 बजे अचानक मस्जिद के मुख्य गुंबद का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर…

24GhanteOnline
July 9, 2026
3 min read
ऐतिहासिक जामा मस्जिद में नमाज के दौरान गिरा गुंबद का हिस्सा, मची अफरा-तफरी

मथुरा। कान्हा की नगरी मथुरा के चौक बाजार इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद (Jama Masjid) में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शाम करीब 7:00 बजे अचानक मस्जिद के मुख्य गुंबद का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। तेज धमाके जैसी आवाज होने के कारण पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के दुकानदार व स्थानीय लोग तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े। गनीमत यह रही कि घटना के समय मस्जिद परिसर के भीतर नमाज अदा की जा रही थी, लेकिन मलबा ऊपरी छत पर ही रुक जाने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।

मस्जिद के ठीक सामने दुकान चलाने वाले स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी सचिन अग्रवाल ने बताया कि शाम के समय अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे शुरुआत में आसपास के दुकानदारों को किसी बड़े विस्फोट का अंदेशा हुआ। लेकिन जब लोग डरकर अपनी दुकानों से बाहर निकले, तो देखा कि जामा मस्जिद के गुंबद का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर चुका था। एक अन्य स्थानीय व्यापारी ने बताया कि मलबा गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा चौक बाजार दहल गया था; गनीमत रही कि गुंबद का भारी-भरकम प्लास्टर और पत्थर सड़क पर न गिरकर मस्जिद की ही ऊपरी पक्की छत पर जा गिरे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, चौक बाजार मथुरा का एक बेहद व्यस्त और संकरा व्यापारिक क्षेत्र है, जहां शाम के समय राहगीरों और खरीदारों की भारी आवाजाही रहती है; यदि यह भारी मलबा सीधे नीचे मुख्य सड़क पर गिरता, तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।

इस पुरातात्विक और ऐतिहासिक इमारत के क्षतिग्रस्त होने के पीछे शुरुआती तौर पर पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश को मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अत्यधिक सीलन के कारण प्राचीन गुंबद का प्लास्टर और उसका बाहरी हिस्सा कमजोर होकर ढह गया होगा, हालांकि इसके वास्तविक तकनीकी कारणों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस हादसे की खबर जंगल की आग की तरह फैलते ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और घटना के वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।

जब 'जामा मस्जिद कमेटी' के पदाधिकारियों से संपर्क साधा गया, तो उन्होंने फिलहाल कैमरे के सामने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। दूसरी तरफ, ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर चिंतित स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग से मांग की है कि इस प्राचीन इमारत की तत्काल तकनीकी जांच (Structural Audit) कराई जाए और कमजोर हो चुके हिस्सों की अविलंब मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

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