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OTS से पुराने कर बकाए का होगा समाधान, शहरों के विकास को मिलेगी नई गति: एके शर्मा

लखनऊ: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा (AK Sharma) के नेतृत्व में प्रदेश के नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर (गृहकर, जलकर एवं सीवरकर) की प्रभावी वसूली, करदाताओं को व्यावहारिक राहत प्रदान करने, न्यायालयीय…

24GhanteOnline
August 10, 2026
3 min read
OTS से पुराने कर बकाए का होगा समाधान, शहरों के विकास को मिलेगी नई गति: एके शर्मा

लखनऊ: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा (AK Sharma) के नेतृत्व में प्रदेश के नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर (गृहकर, जलकर एवं सीवरकर) की प्रभावी वसूली, करदाताओं को व्यावहारिक राहत प्रदान करने, न्यायालयीय विवादों में कमी लाने तथा नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने का निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में लंबित संपत्ति कर के बकायेदारों को लाभ मिलेगा।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। OTS योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे लंबे समय से लंबित कर बकाये का समाधान होगा और करदाताओं को भी एकमुश्त आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।

श्री शर्मा ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना की अवधि चार माह निर्धारित की गई है और इसका क्रियान्वयन 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। नगरीय निकायों द्वारा 15 अगस्त से 14 सितंबर 2026 के मध्य सभी संबंधित करदाताओं एवं हितधारकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक पात्र करदाता योजना का लाभ उठा सकें।

करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने OTS के अंतर्गत बकाया संपत्ति कर के भुगतान के लिए अधिकतम तीन किस्तों की सुविधा भी प्रदान की है। करदाता को योजना लागू होने की तिथि से 30 दिन के भीतर कुल बकाये की एक-तिहाई धनराशि जमा करनी होगी तथा शेष दो-तिहाई धनराशि अगले दो माह में दो मासिक किस्तों के माध्यम से जमा की जा सकेगी। इस प्रकार योजना के अंतर्गत देय संपूर्ण धनराशि का भुगतान अधिकतम तीन माह की अवधि में अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि इस योजना से करदाताओं को अपने पुराने बकाये का निस्तारण करने का सरल और राहतपूर्ण अवसर मिलेगा। साथ ही नगरीय निकायों को लंबे समय से लंबित राजस्व की प्रभावी एवं समयबद्ध वसूली हो सकेगी। इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नगरीय निकायों की आय के स्रोत मजबूत हों और वे अपने विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बनें। OTS योजना के माध्यम से सरकार ने करदाताओं की सुविधा और नगरीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण, दोनों को प्राथमिकता दी है।

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