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OnePlus के CEO पर कानूनी संकट, ताइवान ने जारी किया अरेस्ट वारंट

चीनी स्मार्टफोन कंपनी OnePlus एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है. ताइवान के अभियोजकों (prosecutors) ने कंपनी के CEO पीट लाउ ( Pete Lau) के खिलाफ अवैध कारोबार और गैरकानूनी भर्ती से जुड़े आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी…

24GhanteOnline
January 16, 2026
2 min read
OnePlus के CEO पर कानूनी संकट, ताइवान ने जारी किया अरेस्ट वारंट

चीनी स्मार्टफोन कंपनी OnePlus एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है. ताइवान के अभियोजकों (prosecutors) ने कंपनी के CEO पीट लाउ ( Pete Lau) के खिलाफ अवैध कारोबार और गैरकानूनी भर्ती से जुड़े आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. आरोप है कि OnePlus ने ताइवान में नियमों को दरकिनार कर 70 से ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती की. यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब ताइवान चीन के खिलाफ टेक सेक्टर में सख्ती बढ़ा रहा है.

क्या हैं OnePlus CEO पर आरोप


ताइवान की शिलिन डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस के अनुसार, पीट लाउ पर अवैध तरीके से कारोबार चलाने और भर्ती प्रक्रिया करने का आरोप है. अभियोजकों ने दो ताइवानी नागरिकों पर भी आरोप लगाए हैं, जिन्होंने लाउ की मदद की. जांच में सामने आया है कि OnePlus ने 70 से अधिक कर्मचारियों को स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर रिसर्च, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और वेरिफिकेशन के लिए रखा. यह सब ताइवान के चीन संबंधी कानूनों के उल्लंघन के तहत किया गया बताया जा रहा है.

किस कानून का हुआ उल्लंघन


पीट लाउ पर ताइवान क्षेत्र और मुख्य भूमि क्षेत्र के लोगों के बीच संबंधों को नियंत्रित करने वाला अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. यह कानून चीन और ताइवान के बीच व्यावसायिक और तकनीकी गतिविधियों को कंट्रोल करता है. अभियोजकों का कहना है कि OnePlus ने बिना अनुमति ताइवान में ऑपरेशन चलाया. यही वजह है कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और टेक आउटफ्लो से जोड़कर देखा जा रहा है.

OnePlus और Oppo का कनेक्शन


OnePlus का मुख्यालय चीन के शेनझेन शहर में है और 2021 में यह Oppo का एक स्वतंत्र सब-ब्रांड बना था. पीट लाउ न सिर्फ OnePlus के CEO हैं, बल्कि Oppo में भी चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर की अहम भूमिका निभाते हैं. अब तक OnePlus या Oppo की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

चीन-ताइवान तनाव में क्यों अहम है यह मामला


ताइवान लंबे समय से चीनी कंपनियों द्वारा स्थानीय टेक टैलेंट की कथित पोचिंग को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है. बीते सालों में कई चीनी कंपनियों पर शेल कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के जरिए भर्ती करने के आरोप लगे हैं. अगस्त 2025 में ताइवान ने 16 चीनी कंपनियों की जांच शुरू की थी. एक्सपर्ट मानते हैं कि OnePlus केस चीन के बढ़ते तकनीकी प्रभाव को रोकने की ताइवान की रणनीति का हिस्सा है.

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