रथ सप्तमी के दिन सूर्यदेव को जल में ये चीजें मिलाकर दें अर्घ्य
हर वर्ष माघ माह में रथ सप्तमी (Rath Saptami) का महापर्व मनाया जाता है। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर आता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है, जो आत्मा के कारक हैं। सनातन धर्म के शास्त्रों में…
हर वर्ष माघ माह में रथ सप्तमी (Rath Saptami) का महापर्व मनाया जाता है। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर आता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है, जो आत्मा के कारक हैं। सनातन धर्म के शास्त्रों में वर्णित है कि माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन ही सूर्य देव का अवतरण हुआ था। इसी कारण से इस शुभ अवसर पर रथ सप्तमी मनाई जाती है। अब ऐसे में रथ सप्तमी के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने के दौरान जल में क्या-क्या चीजें डालकर अर्पित करने सा लाभ हो सकता है। इसके बारे में इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।
रथ सप्तमी (Rath Saptami) के दिन सूर्यदेव को जल में दूध मिलाकर दें अर्घ्य
दूध में विशेष प्रकार की शीतलता और शांति होती है, जो शरीर और मन को शुद्ध करती है। सूर्यदेव को अर्घ्य देने से शरीर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। सूर्य देव को अर्घ्य देने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। सूर्य देव, जिन्हें जीवनदाता माना जाता है, हमें ऊर्जा, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। दूध मिलाकर अर्घ्य देने से यह साधना और अधिक प्रभावी मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि रथ सप्तमी के दिन सूर्यदेव को दूध से अर्घ्य देने से व्यक्ति को आरोग्य में वृद्धि हो सकती है।
रथ सप्तमी (Rath Saptami) के दिन सूर्यदेव को जल में शहद मिलाकर दें अर्घ्य
सूर्यदेव ऊर्जा के प्रतीक हैं और शहद को भी स्वास्थ्य और उर्जा का स्रोत माना जाता है। सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने से व्यक्ति का सूर्य ग्रह से अच्छा संबंध स्थापित होता है, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। ऐसा कहा जाता है कि सूर्यदेव को रथ सप्तमी के दिन जल में शहद मिलाकर अर्घ्य देने से सभी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है।
रथ सप्तमी (Rath Saptami) के दिन सूर्यदेव को जल में पीले चंदन मिलाकर दें अर्घ्य
रथ सप्तमी (Rath Saptami) के दिन पीले चंदन डालकर अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है, क्योंकि रथ सप्तमी सूर्य देव की पूजा का पर्व होता है, और यह दिन सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक माना जाता है।
पीला रंग सूर्य से जुड़ा हुआ है। अगर किसी जातक के विवाह में कोई परेशानी आ रही है तो रथ सप्तमी के दिन सूर्यदेव को जल में पीले चंदन में अर्घ्य देने से लाभ हो सकता है और वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो सकती है।
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