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'नवीन मंत्र' से उत्तराखंड भाजपा का मनोबल ऊंचा

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabeen) के 'नवीन मंत्र' से उत्तराखंड में पार्टी का मनोबल ऊंचा है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक के लिए भाजपा के प्रयास अब और…

24GhanteOnline
June 1, 2026
3 min read

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabeen) के 'नवीन मंत्र' से उत्तराखंड में पार्टी का मनोबल ऊंचा है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक के लिए भाजपा के प्रयास अब और गति पकडे़ंगे। उत्तराखंड भाजपा ऐसे मौके पर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव को भी याद कर रही है, जबकि उसने सत्ता में वापसी से जुडे़ मिथक को तोड़ दिया था। पार्टी के आंतरिक सर्वे की रिपोर्ट और चुनावी तैयारियों में बढ़त उत्तराखंड भाजपा को संजीवनी दे रही है।

अपेक्षाकृत नए होने के बावजूद नितिन नवीन (Nitin Nabeen) ने उत्तराखंड में अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान जिस सांगठनिक क्षमता का परिचय दिया है, वह कमाल का है। उत्तराखंड से संबंधित कोई सांगठनिक दायित्व नितिन नवीन पर पहले कभी नहीं रहा। वह निजी यात्राओं पर उत्तराखंड आते रहे हैं, लेकिन संगठन के किसी कार्यक्रम में उनका आना नहीं रहा। बावजूद इसके, अलग-अलग बैठकों में जिस तरह से बूथवार उन्होंने अपनी क्षमता साबित की, उससे हर कोई प्रभावित हुआ । वह जिम्मेदार पदाधिकारियों से लेकर सामान्य कार्यकर्ताओं से बेहदआत्मीय ढंग से पेश आए, लेकिन संगठन की मजबूती के लिए खरी बात करने से भी नहीं चूूके। नितिन नवीन के नवीन मंत्रों में खामियों को दूर करने, बेहतर समन्वय बनाने और दृढ़ इच्छा शक्ति के सहारे जीत का परचम फहराने की बातें शामिल हैं।

भाजपा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में इस बार भी चुनाव पूर्व आंतरिक सर्वे कराया है। सूत्रों के अनुसार- कुछ दिन पूर्व कराए गए इस सर्वे की रिपोर्ट से भाजपा उत्साहित है, क्योंकि इससे अनुसार पार्टी की हैट्रिक में कोई खास अड़चन नहीं है। हालांकि इस सर्वे रिपोर्ट में भाजपा के एक दर्जन सिटिंग विधायकों के प्रदर्शन को खराब बताया गया है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण से पहले पार्टी फिर से सर्वे का सहारा लेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) के नेतृत्व में वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा ने सत्ता में वापसी करके इतिहास रचा था। इससे पहले, राज्य के इतिहास में कोई भी सत्तारूढ़ दल वापसी नहीं कर पाया था। एंटी इनकंबेंसी का डर तब भाजपा को सता रहा था, लेकिन पार्टी ने इस डर से उबरकर जीत हासिल की और सत्ता में वापसी से जुडे़ मिथक को भी तोड़ दिया। इन पांच वर्षों में समान नागरिक संहिता लागू करने से लेकर कई अन्य ऐसे मामले रहे हैं, जिससे पूरे देश में उत्तराखंड सुर्खियों में रहा। कुछ एक मामलों में सरकार को विरोध झेलना पड़ा है, लेकिन फिर भी एंटी इनकंबेंसी की प्रचंडता कहीं दिखाई नहीं देती।

इसके अलावा, चुनावी तैयारियों में भाजपा प्रमुख विरोधी दल कांग्रेस के मुकाबले कहीं आगे बना हुआ है। ये सारी बातें भाजपा के लिए किसी खुराक से कम नहीं हैं। नितिन नवीन के दौरे ने उत्तराखंड भाजपा के मनोबल को नवीन ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

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