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E20 पोस्ट पर नितिन गडकरी का बड़ा एक्शन, बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे कथित भ्रामक प्रचार के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप…

24GhanteOnline
July 27, 2026
3 min read
E20 पोस्ट पर नितिन गडकरी का बड़ा एक्शन, बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे कथित भ्रामक प्रचार के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके नाम और छवि का इस्तेमाल कर झूठे पोस्ट, वीडियो और डीपफेक कंटेंट फैलाए जा रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गडकरी ने मेटा, एक्स (पूर्व में ट्विटर), गूगल समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सिविल कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी थी, जिसे हाई कोर्ट ने मंजूरी दे दी है।

सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों को बताया गलत

अपनी याचिका में गडकरी ने कहा है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में E20 पेट्रोल नीति को सीधे उनसे जोड़ा जा रहा है। साथ ही यह दावा किया जा रहा है कि इस योजना से उन्हें या उनके परिवार को आर्थिक लाभ मिला है।

गडकरी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि E20 नीति पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे उनकी व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं।

AI तकनीक से तैयार किए गए कंटेंट का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए ऑडियो और वीडियो का इस्तेमाल किया गया, जिनमें उनकी आवाज और चेहरे की नकल की गई।

गडकरी की ओर से कहा गया कि इस तरह के कंटेंट बिना अनुमति तैयार किए गए हैं और इनमें गलत जानकारी फैलाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बताया है।

E20 नीति को लेकर पहले भी उठे हैं सवाल

गौरतलब है कि E20 पेट्रोल योजना के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाने का प्रावधान है। सरकार का तर्क है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।

हालांकि, कुछ वाहन मालिकों और विशेषज्ञों ने खासतौर पर पुराने वाहनों में इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। इसी बीच नितिन गडकरी लगातार इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का समर्थन करते रहे हैं।

हाल ही में उन्होंने E20 पेट्रोल की आलोचना करने वालों को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि किसी वाहन को इस ईंधन से नुकसान हुआ है तो ऐसी किसी एक कार का उदाहरण सामने रखा जाए। उन्होंने दावा किया था कि E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन में समस्या आने का कोई प्रमाण नहीं है।

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