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Operation Sindoor में ढेर हुए आतंकियों के नाम आए सामने, मसूद अजहर के भाई और साले भी शामिल

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने 7 मई को ‘Operation Sindoor’ में मारे गए आतंकियों (Terrorists) की लिस्ट सामने आई है। इनमें जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ अजहर के अलावा,…

24GhanteOnline
May 10, 2025
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नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने 7 मई को ‘Operation Sindoor’ में मारे गए आतंकियों (Terrorists) की लिस्ट सामने आई है। इनमें जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ अजहर के अलावा, लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबू जुंदाल और जैश के फंडरेजर हाफिज मोहम्मद के नाम भी शामिल हैं। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई की सुबह करीब 1:30 बजे पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी शिविरों पर हमला किया था। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मुदस्सर खादियान खास, हाफिज मुहम्मद जमील, मोहम्मद यूसुफ अजहर, खालिद (अबू अकाशा) और मोहम्मद हसन खान उन पांच आतंकियों (Terrorists) में शामिल हैं जो भारतीय हमलों में मारे गए।

समाचार एजेंसी के अनुसार, सूत्रों ने 7 मई को पाकिस्तान में भारतीय हमलों में मारे गए आतंकवादियों (Terrorists) का विवरण दिया है। जिसमें मुदस्सर खादियन खास उर्फ ​​मुदस्सर उर्फ ​​अबू जुंदाल शामिल है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। उसकी जनाजे की नमाज एक सरकारी स्कूल में हुई, जिसका नेतृत्व जमात-उद-दावा (एक नामित वैश्विक आतंकवादी) के हाफिज अब्दुल रऊफ ने किया। नमाज समारोह में पाक सेना के एक सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल और पंजाब पुलिस के आईजी शामिल हुए।

7 मई को मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हाफिज मुहम्मद जमील नाम शामिल है, जोकि आतंकी मौलाना मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला है। मारे गए आतंकियों में तीसरा नाम मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ ​​उस्ताद जी उर्फ ​​मोहम्मद सलीम उर्फ ​​घोसी साहब है, वह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था। वह भी मौलाना मसूद अजहर का साला है। वह आईसी-814 अपहरण मामले में वांछित था।

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इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों में शामिल खालिद उर्फ ​​अबू अकाशा भी 7 मई को भारत की कार्रवाई में मारा गया, वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था और और अफ़गानिस्तान से हथियारों की तस्करी में शामिल रहा। उसका अंतिम संस्कार फ़ैसलाबाद में हुआ और उसमें पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और फ़ैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मोहम्मद हसन खान भी मारा गया था। वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था। उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों के समन्वय में अहम भूमिका निभाई।

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