24 घण्टे ऑनलाइन

इस दिन से लग रहे हैं मृत्यु पंचक, भूलकर भी न करें ये काम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक 5 दिनों की एक ऐसी अवधि होती है, जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से होकर गुजरता है। ऐसा माना जाता है कि इन नक्षत्रों में तीव्र और अस्थिर…

24GhanteOnline
August 31, 2025
3 min read

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक 5 दिनों की एक ऐसी अवधि होती है, जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से होकर गुजरता है। ऐसा माना जाता है कि इन नक्षत्रों में तीव्र और अस्थिर ऊर्जाएं होती हैं, जिन्हें अशुभ माना जाता है। पंचक के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। इस दौरान कुछ विशेष कार्य वर्जित होते हैं। हर महीने 5 दिनों के लिए पंचक (Panchak) रहते हैं। सप्ताह के अलग-अलग दिन से शुरू होने वाले पंचक का नाम भी अलग होता है। चलिए आपको बताते हैं सितंबर में पंचक कब से शुरू हो रहे हैं और इस दौरान कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।

सितंबर में पंचक (Panchak) कब है?


पंचांग के मुताबिक, सितंबर 2025 में पंचक (Panchak) की शुरुआत 6 सितंबर, शनिवार से होगी, जिसका समापन 10 सितंबर, बुधवार को होगा। पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करने, नए कार्यों को शुरू करने, घर की छत डलवाने या लकड़ी से संबंधित कार्य करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन दिनों को अशुभ माना जाता है।

शनिवार, 6 सितंबर 2025 को सुबह 11:21 बजे शुरू।
बुधवार, 10 सितंबर 2025 को शाम 4:03 बजे समाप्त।

मृत्यु पंचक (Mrityu Panchak) क्या है?


सितंबर में पंचक की शुरुआत शनिवार के दिन से हो रही है, इसलिए इसे मृत्यु पंचक (Mrityu Panchak) कहा जाएगा। शनिवार से शुरू होने वाले पंचक के दौरान अशुभ फलों का प्रभाव पांच गुना बढ़ जाता है, जिससे व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट हो सकता है। मृत्यु पंचक को सबसे अशुभ और कष्टकारी माना जाता है।

मृत्यु पंचक (Mrityu Panchak) में क्या नहीं करना चाहिए?


जोखिम भरे कार्य:- मृत्यु पंचक में शारीरिक और मानसिक पीड़ा से बचने के लिए जोखिम भरे कार्य करने से बचना चाहिए।

नई शुरुआत:- मृत्यु पंचक के दौरान कोई भी नया काम या बड़ा निवेश शुरू करने से बचना चाहिए।

यात्रा:- मृत्यु पंचक के दौरान यात्रा करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

मृत्यु पंचक (Mrityu Panchak) में क्या उपाय करें?


भगवान शिव की पूजा:- शिवलिंग पर जल अर्पित करें और शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए।

हनुमान जी की आराधना:- मृत्यु पंचक में हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंदिर में दीपक जलाना चाहिए।

छाया दान:- मृत्यु पंचक के दौरान शनिवार को छाया दान करनी चाहिए।

भैरव उपासना:- मृत्यु पंचक के दौरान भैरव बाबा की उपासना करना भी शुभ माना जाता है।

शनि देव की प्रसन्नता:- मृत्यु पंचक के दौरान काले वस्त्र, काले तिल, काली उड़द आदि का दान करना चाहिए।

पीपल के नीचे दीपक:- मृत्यु पंचक में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से दुर्घटनाओं से बचाव होता है।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

करवा चौथ पर इन दिशाओं में करें पूजा, खुशियों से महक उठेगा दांपत्य जीवन

Karwa Chauth Vastu Rules: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार,…

कब है शरद पूर्णिमा? जानें खीर रखने का महत्व

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को विशेष फलदायी तिथि माना जाता है। साल 2026 में यह पर्व रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कोजागरी पूर्णिमा के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।…

मनी प्लांट इस जगह रखने से हो सकती है धन की हानि

हर पौधे के लिए एक दिशा निर्धारित है। घर में मनी प्लांट (Money Plant) लगाने से धन और सुख-समृद्धि बढ़ती है, लेकिन गलत दिशा में रखे मनी प्लांट की वजह से आपको पैसों का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। >> मनी प्लांट (Money…