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मौनी अमावस्या कब है, इस दिन दान करने से मिलता है कई गुना अधिक फल

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) , माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है, जिसे माघी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से गंगा स्नान का महत्व है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृतमय हो…

24GhanteOnline
January 15, 2025
2 min read

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) , माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है, जिसे माघी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से गंगा स्नान का महत्व है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृतमय हो जाता है। इसके अलावा मौन व्रत रखना भी इस दिन का एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य है। इस साल, प्रयागराज में महाकुंभ मेला हो रहा है, और ऐसे में मौनी अमावस्या का दिन स्नान के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस दिन शाही स्नान भी किया जाएगा। आइए, अब जानते हैं कि साल 2025 में मौनी अमावस्या कब मनाई जाएगी और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) 2025 डेट और स्नान-दान मुहूर्त


पंचांग के अनुसार, माघ माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ 28 जनवरी 2025 को शाम 7 बजकर 35 मिनट पर होगा। तिथि का समापन 29 जनवरी 2025 को शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी।

इस दिन स्नान-दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 22 मिनट से 3 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त 29 जनवरी को शाम 5 बजकर 55 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) का महत्व


मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन गंगा नदी या अन्य किसी पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। अगर आप किसी तीर्थ स्थल पर जाने में असमर्थ हैं, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इससे भी आपको गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त होगा। इसके अलावा, इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से उन्हें आशीर्वाद मिलता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन पितर अपने वंशजों से मिलने आते हैं। इसलिए इस दिन तर्पण, दान और गरीब या ब्राह्मण को भोजन कराने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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