आपकी कुंडली खोलेगी पिछले जन्म का राज
ज्योतिषशास्त्र बेहद ही रोचक विषय है। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की सटीक गणना से आप व्यक्ति के भविष्य, वर्तमान और भूतकाल के बारे में जान सकते हैं। यह भी जान सकते हैं कि पूर्वजन्म (Past Life) में कौन क्या रहा होगा? आप अपनी…
ज्योतिषशास्त्र बेहद ही रोचक विषय है। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की सटीक गणना से आप व्यक्ति के भविष्य, वर्तमान और भूतकाल के बारे में जान सकते हैं। यह भी जान सकते हैं कि पूर्वजन्म (Past Life) में कौन क्या रहा होगा?
आप अपनी कुंडली (Kundali) में ग्रहों की स्थिति से जान सकते हैं कि आप राजा थे, बिजनेसमैन थे, धनवान थे, बलशाली थे या और कुछ।
कुंडली में ग्रहों (Planets) की स्थिति से आप यह भी जान सकते हैं कि पूर्वजन्म में आपकी मृत्यु कैसे हुई थी? आइए कल्याण ज्योतिषतत्वांक से जानते हैं कि कुंडली में ग्रहों की स्थिति से कैसे जान सकते हैं कि पूर्वजन्म में क्या थे?
कुंडली (Kundali) से पूर्वजन्म का विचार
1) जिस भी व्यक्ति की कुंडली (Kundali) के लग्न या सप्तम भाव में शुक्र हो, तो समझना चाहिए कि वह व्यक्ति पूर्वजन्म में राजा या बड़ा व्यापारी रहा होगा। उसका जीवन बड़ा ही भोग विलासिताओं वाला रहा होगा।
2) कुंडली के लग्न, एकादश, सप्तम या चौथे भाव में शनि हो, तो समझना चाहिए कि वह व्यक्ति पूर्वजन्म में पाप कर्म करने वाला था।
3) जिसकी कुंडली के 10वें, 6वें या 7वें भाव में मंगल ग्रह हो, उसे समझना चाहिए कि पूर्वजन्म में उसके क्रोध से लोग डरते होंगे, वह लोगों को पीड़ा पहुंचाता था। वह अत्यंत ही क्रोध करने वाला था।
4) जिस कुंडली के लग्न में बुध हो, तो समझना चाहिए कि वह व्यक्ति पूर्वजन्म में अनेक कष्टों से घिरा हुआ था।
5) जिस कुंडली के 7वें या लग्न में राहु हो, तो यह मानना चाहिए कि पूर्वजन्म में उसकी मृत्यु प्राकृतिक मृत्यु नहीं थी।
6) जिस भी व्यक्ति की कुंडली में 4 ग्रह नीच स्थिति में हों, तो समझना चाहिए कि पूर्वजन्म में उस व्यक्ति ने अपनी उम्र पूरी नहीं की। उसने स्वयं को क्षति पहुंचाकर प्राण त्याग दिए होंगे।
7) कुंडली में सूर्य 12वें, 8वें या 6वें भाव में हो या तुला राशि वाला हो, तो समझना चाहिए कि पूर्वजन्म में वह भ्रष्ट और पापकर्म में लिप्त था।
8) जिस कुंडली में चार या अधिक ग्रह उच्च राशि के हों, तो समझना चाहिए कि वह व्यक्ति पूर्वजन्म में उत्तम जीवन व्यतीत किया है।
9) जिसकी कुंडली में गुरु लग्न में हो या कहीं से भी उच्च का गुरु लग्न को देख रहा हो, तो वह व्यक्ति पूर्वजन्म में तपस्वी, धर्मात्मा रहा होगा।
10) जिस के लग्न में उच्च राशि का या स्वराशि का चंद्रमा हो, तो वह व्यक्ति पूर्वजन्म में उत्तम विवेक वाला रहा होगा।
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