24 घण्टे ऑनलाइन

इस दिन से शुरू हो रहे हैं खरमास, जानें इससे जुड़े ये खास नियम

हिंदू धर्म में खरमास (Kharmas) का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार, खरमास एक ऐसा समय होता है जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं। इस दौरान सूर्य का तेज कम हो जाता है, जिसके कारण इसे शुभ…

24GhanteOnline
February 5, 2025
3 min read

हिंदू धर्म में खरमास (Kharmas) का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार, खरमास एक ऐसा समय होता है जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं। इस दौरान सूर्य का तेज कम हो जाता है, जिसके कारण इसे शुभ नहीं माना जाता है। सूर्य देव लगभग प्रत्येक महीने राशि परिवर्तन करते हैं, लेकिन जब वे धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो इस अवधि को खरमास कहा जाता है।

खरमास की अवधि के दौरान हिंदू धर्म में किसी भी तरह के शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि नहीं किए जाते हैं। सूर्य देव के मीन राशि से निकलकर अन्य राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास का समाप्त हो जाता है। आइए जानते हैं साल 2025 में खरमास कब लगेगा, साथ ही खरमास के दौरान कौन से काम करने चाहिए और किन कामों को करने की इस दौरान मनाही होती है।

खरमास (Kharmas) में शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते हैं ?


खरमास के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं इसके पीछे मान्यता है कि इस दौरान सूर्य देव की गति धीमी हो जाती है, जिसके कारण उनका तेज कम हो जाता है। सूर्य देव के कमजोर होने से वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती हैं, जिससे शुभ कार्यों के परिणाम अनुकूल नहीं होते हैं, इसलिए खरमास में शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। खरमास हर साल आता है और इसकी अवधि लगभग एक महीने तक रहती है। खरमास में शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है, लेकिन इस दौरान धार्मिक कार्य कर सकते हैं।

खरमास (Kharmas) 2025 तिथि


वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 14 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास का आरंभ हो जायेगा। खरमास लगते ही सभी तरह के शुभ कार्य संपन्न होने बंद हो जाएंगे। 14 अप्रैल 2025 को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास का समाप्त हो जाएगा।

खरमास (Kharmas) में क्या करना चाहिए?


- खरमास की अवधि के दौरान भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए।

- इस दौरान रामायण, भागवत कथा आदि धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है।

- खरमास के दौरान गरीबों को दान करना भी बहुत अच्छा माना जाता है, इसलिए इस दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए।

- खरमास में आप अपने इष्ट देव के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

खरमास (Kharmas) के दौरान नहीं करने चाहिए ये कार्य


- खरमास के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों को करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

- खरमास में विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए।

- नए घर का निर्माण या गृह प्रवेश भी खरमास में नहीं करना चाहिए।

- माना जाता है इस दौरान नई संपत्ति खरीदने से भी बचना चाहिए।

- किसी नए व्यापार की शुरुआत या महत्वपूर्ण व्यापारिक सौदे भी खरमास में नहीं करने चाहिए।

Tags:Kharmas

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।