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युवाओं को खूब भाये खादी के परिधान, जमकर हुई खरीदारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के नेतृत्व और निर्देशन में खादी (Khadi) को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने खादी को भारतीय स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में स्थापित किया है। लखनऊ में…

24GhanteOnline
January 18, 2025
3 min read

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के नेतृत्व और निर्देशन में खादी (Khadi) को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने खादी को भारतीय स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में स्थापित किया है। लखनऊ में एक सप्ताह तक चले खादी महोत्सव ने विभिन्न वर्गों के लोगों को आकर्षित किया, विशेषकर युवा वर्ग में खादी के उत्पादों के प्रति उत्साह बढ़ाया।

खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित खादी महोत्सव-2025 (Khadi Mahotsav) में लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 2.54 करोड़ रुपये से अधिक की खादी और अन्य वस्तुओं की बिक्री हुई। इस महोत्सव का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना था, जिसमें उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के उद्यमी भी अपने उत्कृष्ट खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का प्रदर्शन किया। जिसमें महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों के उद्यमी भी अपने उत्कृष्ट खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का प्रदर्शन किया। आधुनिक तकनीकों से निर्मित खादी के परिधान युवा पीढ़ी को खूब भाया।

यहां प्रदर्शित उत्पादों में सूती, ऊनी, पोली रेशम के वस्त्र, लकड़ी और मिट्टी से बने खिलौने और बर्तन, पंलगपोस, चादरें, और कोट-सदरी जैसे विविध आइटम्स शामिल थे। इसके अलावा, उद्यमियों को उनके उत्पादों को व्यापक बाजार में पहुंचाने के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग की सुविधा भी दी गई।

इस महोत्सव ने स्थानीय उद्यमियों को साहस और प्रेरणा दी है, जो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल स्थापित करते हैं। युवा पीढ़ी को आधुनिक तकनीकों से निर्मित खादी के उत्पादों का प्रति उत्साह और रुचि बढ़ाने में इस महोत्सव का बड़ा हाथ है। इस रूप में, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल खादी के उत्पादन में वृद्धि कर रहा है, बल्कि उद्यमियों को बढ़ते भारतीय व्यापार के नए आयाम स्थापित करने में भी मदद मिल रही है।

खादी महोत्सव (Khadi Mahotsav) के माध्यम से कलाकारों, बुनकरों, और उद्यमियों को मिला व्यापक मंच


बीते साढ़े सात वर्षों में प्रदेश के लोगों में त्योहारों में स्वदेशी उत्पादों प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्थानीय उत्पाद न केवल स्थानीय कलाकारों को रोजगार दे रहे हैं, बल्कि भारत के विकास में भी योगदान भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि खादी महोत्सव कलाकारों, बुनकरों, और उद्यमियों को अपनी कला प्रदर्शित करने और नई तकनीकों को सीखने का अवसर प्रदान करता है।

खादी महोत्सव (Khadi Mahotsav) न केवल खादी और ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि देशभर के कलाकारों और उद्यमियों को एक मंच पर ला रहा है। खादी के अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग तेजी से बढ़ रही है। खादी और हथकरघा के उत्पाद पर्यावरण अनुकूल हैं और आधुनिक फैशन में भी लोकप्रिय हो रहे हैं।

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