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शहीदों के त्याग और बलिदान से नई पीढ़ी को कराएं परिचित, डिप्टी सीएम का अधिकारियों को निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम्य विकास विभाग, खाद्य प्रसंस्करण विभाग एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के उच्च अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।…

24GhanteOnline
August 12, 2026
2 min read
शहीदों के त्याग और बलिदान से नई पीढ़ी को कराएं परिचित, डिप्टी सीएम का अधिकारियों को निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम्य विकास विभाग, खाद्य प्रसंस्करण विभाग एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के उच्च अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। आगामी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत कार्यालय, विकास खण्ड कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय तथा विभागाधीन अन्य सभी सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण कार्यक्रम भव्य एवं गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित कराया जाए। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भर गांव, जनकल्याणकारी योजनाओं और नागरिक कर्तव्यों से जुड़े संदेश भी प्रभावी ढंग से दिए जाएं।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर बने। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों तथा आम जनमानस की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान, देशभक्ति गीत, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अमर शहीदों के जीवन और उनके योगदान पर वक्तव्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजन कराए जाएं। विशेष रूप से युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास, वीर सेनानियों के संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित कराया जाए।

श्री मौर्य ने कहा कि गांव-गांव में यह संदेश पहुंचना चाहिए कि देश की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के बलिदान को याद करना और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीद परिवारों की जानकारी के आधार पर उन्हें कार्यक्रमों में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए ।

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